Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी हुए सस्ते, खरीदारी का अच्छा मौका? जानिए आज के ताजा भाव और गिरावट की वजह

सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। गुरुवार (23 जुलाई) को घरेलू वायदा बाजार (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार (COMEX) तक सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन इससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले सोने-चांदी की चाल तय करेंगे।

MCX पर आज कितना सस्ता हुआ सोना?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 9:01 बजे सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिली।
| विवरण | कीमत |
|---|---|
| पिछला बंद भाव | ₹1,45,693 प्रति 10 ग्राम |
| आज का भाव | ₹1,45,210 प्रति 10 ग्राम |
| गिरावट | ₹483 |
यानी सोना आज 483 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता कारोबार करता नजर आया।
चांदी के दाम भी गिरे
MCX पर चांदी की कीमतों में भी नरमी रही।
| विवरण | कीमत |
|---|---|
| पिछला बंद भाव | ₹2,27,180 प्रति किलोग्राम |
| आज का भाव | ₹2,26,393 प्रति किलोग्राम |
| गिरावट | ₹787 |
इस तरह चांदी में 787 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में भी कमजोरी
घरेलू बाजार की तरह वैश्विक कमोडिटी बाजार COMEX में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखा गया।
- सोना: 0.44% गिरकर 4,133.70 डॉलर प्रति औंस
- चांदी: 0.17% गिरकर 60.195 डॉलर प्रति औंस
इससे साफ है कि केवल भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है।
देश के प्रमुख शहरों में चांदी का भाव
आज भारत के विभिन्न शहरों में चांदी की कीमतें इस प्रकार हैं—
₹2,40,100 प्रति किलोग्राम
- दिल्ली
- मुंबई
- कोलकाता
- पटना
- इंदौर
₹2,45,100 प्रति किलोग्राम
- चेन्नई
- हैदराबाद
स्थानीय टैक्स, जीएसटी और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण खुदरा कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है।
सोना-चांदी में गिरावट क्यों आई?
कीमती धातुओं की कीमतों पर इस समय कई अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर पड़ रहा है।
मुख्य कारण—
- लाल सागर (Red Sea) में बढ़ता तनाव।
- हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें।
- अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव।
- लाल सागर में समुद्री मार्गों पर बढ़ती अनिश्चितता।
इन घटनाओं के कारण वैश्विक बाजार में निवेशकों की रणनीति बदल रही है, जिसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों का भी असर
भू-राजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है।
यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो—
- महंगाई बढ़ सकती है।
- केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें ऊंची रखने का दबाव बढ़ सकता है।
- निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
इसी वजह से कीमती धातुओं में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी बाजार की नजर
अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की मौद्रिक नीति बैठक पर पूरी दुनिया के निवेशकों की नजर है।
पहले माना जा रहा था कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। लेकिन—
- बढ़ती महंगाई की आशंका,
- ऊंची तेल कीमतें,
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
के चलते बाजार अब फेड के संभावित रुख का इंतजार कर रहा है।
फेड का निर्णय डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने-चांदी की कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है।
क्या अभी खरीदारी का सही समय है?
सोना और चांदी में आई मौजूदा गिरावट खरीदारों के लिए अवसर हो सकती है, लेकिन कीमतें आगे भी वैश्विक घटनाओं और फेडरल रिजर्व के फैसले के अनुसार बदल सकती हैं। यदि आप निवेश या ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा कीमतों की तुलना स्थानीय बाजार के भाव और अपनी निवेश अवधि के साथ जरूर करें, क्योंकि कीमती धातुओं में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव सामान्य बात है।



