कांकेर (उत्तर बस्तर)

कांकेर में शुरू हुआ प्रदेश का पहला QR कोड आधारित ई-मालखाना, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया शुभारंभ….

कांकेर। छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने रविवार को कांकेर सिटी कोतवाली में प्रदेश के पहले क्यूआर (QR) कोड आधारित ई-मालखाना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जिला पुलिस को प्राप्त एक नई बस सहित चार नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह ई-मालखाना छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा थाना बना है, जहां जब्तशुदा सामानों के प्रबंधन के लिए डिजिटल ट्रैकिंग और क्यूआर कोड आधारित प्रणाली लागू की गई है। इससे मालखाने की व्यवस्था अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित होगी।

ई-मालखाना का लिया जायजा

शुभारंभ के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ई-मालखाना का निरीक्षण किया और जब्तशुदा सामानों की ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने डिजिटल प्रणाली के माध्यम से सामानों की पहचान और रिकॉर्ड रखने की पूरी व्यवस्था को देखा तथा जिला पुलिस की इस अभिनव पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से पुलिस व्यवस्था और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा प्रभावी बनेगी। इससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।

क्या है ई-मालखाना?

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने ई-मालखाना प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ई-मालखाना एक आधुनिक डिजिटल प्रबंधन प्रणाली है, जिसके माध्यम से अपराधों में जब्त किए गए सभी सामानों, दस्तावेजों और संपत्तियों का सुरक्षित एवं ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।

इस प्रणाली का उद्देश्य—

  • जब्त संपत्ति का सुरक्षित संरक्षण,
  • पारदर्शी रिकॉर्ड प्रबंधन,
  • शीघ्र खोज और ट्रैकिंग,
  • न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सामग्री की तत्काल उपलब्धता,
  • और पुलिस कार्यों में जवाबदेही बढ़ाना है।

QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी

ई-मालखाना की सबसे बड़ी विशेषता इसका क्यूआर कोड आधारित प्रबंधन है।

जिला पुलिस ने मालखाने में रखे प्रत्येक बॉक्स पर एक अलग QR कोड लगाया है। जैसे ही उस क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा, तुरंत संबंधित अपराध प्रकरण की पूरी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी।

स्कैन करने पर निम्न जानकारी मिलेगी—

  • अपराध क्रमांक
  • जब्ती की तिथि
  • केस का विवरण
  • बॉक्स में रखे सामानों की संख्या
  • संबंधित जांच अधिकारी का विवरण
  • न्यायालयीन स्थिति (आवश्यकतानुसार)

इससे किसी भी जब्त वस्तु को ढूंढने में समय की बचत होगी और रिकॉर्ड रखने में मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।

किन-किन सामानों का रहेगा डिजिटल रिकॉर्ड?

ई-मालखाना में विभिन्न मामलों में जब्त की गई वस्तुओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • जब्त वाहन
  • मोबाइल फोन
  • नकदी
  • हथियार
  • सोने-चांदी के आभूषण
  • एनडीपीएस (मादक पदार्थ) मामलों से संबंधित सामग्री
  • प्रॉपर्टी दस्तावेज
  • अन्य केस प्रॉपर्टी

इन सभी वस्तुओं की जानकारी QR कोड स्कैन करते ही उपलब्ध हो जाएगी।

पेपरलेस और पारदर्शी होगी व्यवस्था

नई डिजिटल प्रणाली लागू होने से—

  • रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।
  • कागजी फाइलों पर निर्भरता कम होगी।
  • पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।
  • जब्त सामानों की सुरक्षा मजबूत होगी।
  • रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की संभावना कम होगी।
  • न्यायालय और विवेचना अधिकारियों को आवश्यक सामग्री तुरंत उपलब्ध कराई जा सकेगी।

प्रदेश में पहली बार लागू हुई QR आधारित प्रणाली

अभी तक प्रदेश के अधिकांश थानों में मालखाने के लिए बारकोड स्कैनर आधारित व्यवस्था का उपयोग किया जाता था।

लेकिन QR कोड आधारित डिजिटल मालखाना प्रबंधन प्रणाली पहली बार कांकेर पुलिस ने लागू की है। यह पहल भविष्य में राज्य के अन्य जिलों के लिए भी मॉडल बन सकती है।

उत्कृष्ट पुलिस जवानों का किया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की सराहना की।

ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर—

  • सांसद भोजराज नाग
  • विधायक आशाराम नेताम
  • छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत
  • जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी
  • कांकेर नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक
  • उपाध्यक्ष उत्तम यादव
  • सतीश लाटिया
  • महेश जैन
  • आलोक ठाकुर
  • पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले
  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल
  • जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी
  • गृह विभाग के अधिकारी, पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रमुख बातें

  • कांकेर सिटी कोतवाली में प्रदेश का पहला QR कोड आधारित ई-मालखाना शुरू।
  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया शुभारंभ।
  • जिला पुलिस को नई बस सहित चार नए वाहन मिले।
  • जब्त सामानों की डिजिटल और ऑनलाइन ट्रैकिंग होगी।
  • प्रत्येक बॉक्स पर लगाया गया है QR कोड
  • मोबाइल, नकदी, हथियार, आभूषण, वाहन और एनडीपीएस सामग्री का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
  • न्यायालयीन प्रक्रिया और पुलिस जांच होगी अधिक तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित।
  • उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिस जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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