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कोरिया नौगई हत्याकांड: मंत्री रामविचार नेताम के सामने फूटा परिजनों का गुस्सा, न्याय और सीबीआई जांच की उठी मांग

कोरिया। जिले के सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड को लेकर मृतकों के परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को प्रदेश के आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम जब पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे, तो परिजनों का दर्द और गुस्सा उनके सामने खुलकर सामने आया। परिजन रोते-बिलखते मंत्री से सवाल पूछते रहे कि आखिर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और क्या उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।

“क्या आरोपियों को विधायक रेणुका सिंह का संरक्षण मिल रहा है?”

मृतकों के परिजनों ने मंत्री के सामने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई हो रही होती तो उन्हें किसी तरह की राहत या सम्मान जैसा व्यवहार नहीं मिलता। परिजनों ने सवाल उठाया कि क्या आरोपियों को रेणुका सिंह का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कार्रवाई अपेक्षित गति से नहीं हो रही।

परिजनों ने भावुक होकर कहा कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होने के बावजूद जिस तरह उन्हें सार्वजनिक रूप से ले जाया गया, उससे ऐसा प्रतीत हुआ मानो उनका सम्मान किया जा रहा हो। उन्होंने मंत्री से पूछा कि क्या उन्हें वास्तव में न्याय मिल पाएगा या यह मामला भी राजनीतिक प्रभाव में दब जाएगा।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

परिजनों ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि घटना सोनहत क्षेत्र में हुई, लेकिन आरोपियों का जुलूस पटना क्षेत्र में इस तरह निकाला गया, जैसे वे अपराधी नहीं बल्कि किसी उपलब्धि के लिए सम्मानित किए जा रहे हों।

उन्होंने प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना था कि पुलिस को पीड़ित परिवार की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए था।

परिजनों की प्रमुख मांगें

मंत्री रामविचार नेताम के सामने पीड़ित परिवार ने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • घटना की सीबीआई जांच कराई जाए।
  • आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए।
  • हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर गिरफ्तारी की जाए।
  • मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द कड़ी सजा दिलाई जाए।

मंत्री रामविचार नेताम ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

भाजपा नेताओं की रही मौजूदगी

मंत्री के दौरे के दौरान स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल, शैलेश शिवहरे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

क्या है पूरा मामला?

कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में रेत घाट के ठेके और कथित अवैध खनन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। इसी को लेकर भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से विवाद लगातार बढ़ता गया।

आरोप है कि 16 जून की देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह को उनके घर के पास घेर लिया। विवाद के दौरान आरोपियों ने उनकी फॉर्च्यूनर कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया और कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

कार में भरत सिंह, उनके भाई एवं शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे। आग लगने से भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी लोग किसी तरह कार से बाहर निकले, लेकिन आरोप है कि बाहर निकलते ही उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। विरेंद्र सिंह के गले पर फरसे से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल नागेंद्र सिंह और विरेंद्र सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।

इस मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी सहित सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले में केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

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