क्राइम
रायपुर में नौकरी के नाम पर 1.5 करोड़ की ठगी: शिक्षक और क्लर्क गिरफ्तार, 34 लोग बने शिकार….

रायपुर में सरकारी नौकरी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें 34 लोगों से करीब 1.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक सरकारी शिक्षक और दूसरा प्राइवेट स्कूल का क्लर्क है।
🧑💼 कौन हैं आरोपी?
- राजेश शर्मा (उर्फ राजू) – सरकारी शिक्षक
- मनोज कुमार श्रीवास्तव – प्राइवेट स्कूल क्लर्क
👉 दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा दिया।

📄 कैसे रची गई ठगी की साजिश?
- आरोपियों ने छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से
फर्जी नियुक्ति आदेश (Appointment Letter) तैयार किया - इसमें कई विभागों में नौकरी देने का दावा किया गया, जैसे:
- परिवहन विभाग
- राजस्व एवं आपदा प्रबंधन
- वन एवं जलवायु परिवर्तन
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास
- स्कूल शिक्षा विभाग
- आदेश में सचिव और उप सचिव के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग किया गया
- इस फर्जी आदेश को WhatsApp के जरिए वायरल किया गया
💰 कैसे हुई ठगी?
- लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया
- बदले में उनसे लाखों रुपए वसूले गए
- कुल मिलाकर 34 लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपए ठगे गए
👉 एक मामले में भिलाई की महिला से 1.90 लाख रुपए लिए गए, जो बाद में वापस कर दिए गए
🕵️♂️ पुलिस ने कैसे पकड़ा?
- शिकायतकर्ता राजपाल बघेल ने
राखी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई - पुलिस ने:
- तकनीकी साक्ष्य जुटाए
- व्हाट्सएप मैसेज के स्रोत को ट्रैक किया
- जांच में आरोपी राजेश शर्मा का लोकेशन
डोंगरगढ़ में मिला - टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया
- पूछताछ में उसने अपने साथी का नाम भी बताया
🧠 ठगी की असली वजह
- आरोपी ने कबूल किया कि:
- उस पर कर्ज था
- पैसे चुकाने के लिए उसने यह ठगी की योजना बनाई
🖥️ क्या-क्या बरामद हुआ?
- कंप्यूटर
- प्रिंटर
👉 जिनका इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज बनाने में किया गया
⚖️ किन धाराओं में केस?
आरोपियों पर कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं:
- भारतीय न्याय संहिता की धाराएं: 319(2), 336(3), 3(5)
- आईटी एक्ट की धारा: 66D (ऑनलाइन धोखाधड़ी)
⚠️ क्या सीख मिलती है?
- सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें
- किसी भी नियुक्ति पत्र को:
- आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापित करें
- बिना जांच के पैसे न दें
- सोशल मीडिया पर आए ऐसे मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
👉 कुल मिलाकर, यह मामला दिखाता है कि कैसे डिजिटल माध्यम (WhatsApp) का इस्तेमाल कर बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया। पुलिस की सतर्कता से मामला उजागर हुआ, लेकिन यह आम लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है।



