
यपुर में महिला आरक्षण को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं, और मुद्दा सिर्फ “महिला आरक्षण” नहीं बल्कि उसके लागू होने की प्रक्रिया बन गया है।
क्या कहा रंजीत रंजन ने?
Ranjeet Ranjan ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए:
- कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि परिसीमन (Delimitation) को लेकर आपत्ति है।
- उन्होंने कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण को तुरंत 543 लोकसभा सीटों पर लागू किया जाना चाहिए।
- उनका आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर टाल रही है।
- उन्होंने सवाल उठाया: “बिना जनगणना के परिसीमन कैसे संभव है?”
- उनके मुताबिक, पहले जनगणना होनी चाहिए, उसके बाद ही परिसीमन प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।
उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि सरकार की नीयत साफ नहीं है और यह महिला विरोधी रवैया दर्शाता है।

भाजपा का पलटवार
दूसरी तरफ भाजपा ने कांग्रेस पर ही आरोप मढ़ा:
- रायपुर में भाजपा ने जनाक्रोश रैली निकाली।
- इस रैली में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai भी शामिल हुए।
- भाजपा का कहना है कि महिला आरक्षण बिल को रोकने या कमजोर करने का काम कांग्रेस कर रही है।
कांग्रेस का जवाब
कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए:
- भाजपा की रैली को “छलावा” बताया।
- कहा कि भाजपा असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
- कांग्रेस का दावा है कि वह महिलाओं को जल्द से जल्द आरक्षण दिलाने के पक्ष में है, लेकिन प्रक्रिया पारदर्शी और सही तरीके से होनी चाहिए।
असली विवाद क्या है?
इस पूरे विवाद का केंद्र है:
- महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023)
- और उससे जुड़ी जनगणना व परिसीमन की शर्तें
कांग्रेस का कहना:
➡️ अभी लागू करो
➡️ जनगणना-परिसीमन बाद में करो
भाजपा का रुख:
➡️ पहले जनगणना और परिसीमन
➡️ फिर लागू होगा आरक्षण
निष्कर्ष
यह मुद्दा अब सिर्फ महिला आरक्षण का नहीं रहा, बल्कि उसके लागू होने के टाइमलाइन और प्रक्रिया पर राजनीतिक लड़ाई बन चुका है।
आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है।



