
छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा जिला, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और घने जंगलों के लिए जाना जाता है, वहां की पहाड़ियों के बीच बसा है एक अद्भुत और रहस्यमयी धरोहर – ढोलकल गणेश।

करीब 3,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह प्राचीन गणेश प्रतिमा मानो बादलों के बीच विराजमान होकर भक्तों को आशीर्वाद देती हो। चारों ओर फैली हरी-भरी वादियाँ और पर्वत श्रृंखलाएँ इस स्थान की खूबसूरती को और भी दिव्य बना देती हैं।
इतिहासकारों का मानना है कि यह प्रतिमा 11वीं शताब्दी के नागवंशी राजाओं के समय की है। चट्टान पर बने इस स्थल तक पहुँचना आसान नहीं है—संकरी पगडंडियों और कठिन चढ़ाई से गुजरने के बाद ही भक्त और पर्यटक यहाँ पहुँच पाते हैं।
स्थानीय लोगों के बीच ढोलकल गणेश का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से सभी विघ्न दूर होते हैं और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।