छत्तीसगढ़

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में होली मिलन कार्यक्रम के दौरान बवाल…

बिलासपुर। होली के रंग में रंगा विश्वविद्यालय परिसर उस वक्त तनाव के माहौल में बदल गया, जब “रंग बरसे 0.5” कार्यक्रम के दौरान छात्र आपस में भिड़ गए। ब्रदरहुड पैनल द्वारा आयोजित इस होली मिलन कार्यक्रम में अचानक मारपीट शुरू हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


🔹 क्या था पूरा मामला?

सोमवार को विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम के सामने ब्रदरहुड पैनल ने होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया था। तेज आवाज में साउंड सिस्टम लगाया गया था और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रंग-गुलाल के साथ डांस कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार—

  • कुछ छात्र कथित रूप से नशे की हालत में थे
  • रंग खेलने के दौरान छात्रों ने एक-दूसरे के कपड़े तक फाड़ दिए
  • माहौल धीरे-धीरे आक्रामक हो गया

इसी दौरान अचानक कुछ छात्रों के बीच विवाद बढ़ा और बात लात-घूंसे चलने तक पहुंच गई। जैसे ही मारपीट शुरू हुई, अन्य छात्र-छात्राएं डरकर इधर-उधर भागने लगे।


🔹 वीडियो हुआ वायरल

घटना का वीडियो शाम तक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में छात्र एक-दूसरे पर हमला करते और धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस मामले में न तो पुलिस विश्वविद्यालय परिसर पहुंची और न ही किसी पक्ष ने थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।


🔹 चार दिन पहले भी हुआ था विवाद

गौरतलब है कि चार दिन पहले भी परिसर में होली मिलन कार्यक्रम के दौरान विवाद हुआ था। उस कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा किया गया था, जहां छात्रों के बीच कहासुनी और झड़प की स्थिति बनी थी।

लगातार दूसरी बार हुई मारपीट के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।


🔹 छात्रों ने क्या कहा?

कुछ छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया—

  • विवाद की एक बड़ी वजह कार्यक्रमों में कथित नशाखोरी है
  • पहले हुए विवाद के बाद भी दोबारा अनुमति देना प्रबंधन की लापरवाही दर्शाता है
  • परिसर में अनुशासन और सुरक्षा को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन होनी चाहिए

🔹 उठ रहे हैं ये सवाल

  • क्या विश्वविद्यालय प्रशासन कार्यक्रमों की पर्याप्त निगरानी कर रहा है?
  • क्या ऐसे आयोजनों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल तय हैं?
  • बार-बार हो रही घटनाओं के बाद क्या सख्त कदम उठाए जाएंगे?

फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन लगातार दो बार हुई घटनाओं ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

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