कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगे युवा, पर्यटन से मिलेगा रोजगार: मंत्री रामविचार नेताम…

बलरामपुर। कृषि एवं कृषक कल्याण तथा पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बलरामपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और यदि इन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन आधारित कौशल विकास कार्यक्रम तैयार कर युवाओं को प्रशिक्षण देने और उन्हें रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।

मंत्री शनिवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने डीएमएफ से संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया।
पर्यटन आधारित कौशल विकास पर विशेष जोर
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बलरामपुर प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों से समृद्ध जिला है। इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं, जिनमें—
- पर्यटन गाइड
- होम-स्टे संचालन
- होटल प्रबंधन
- आतिथ्य सेवाएं
- पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसाय
जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक प्रशिक्षित युवक-युवती को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
डीएमएफ की राशि का हो उद्देश्यपूर्ण उपयोग
बैठक में मंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि—
- स्वीकृत राशि का सही और पारदर्शी उपयोग हो।
- विकास परियोजनाएं समय सीमा में पूरी हों।
- गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
- जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का उपयोग ऐसे कार्यों पर किया जाए, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले।
विभागों के समन्वय से तेज होगा विकास
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि—
- जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच नियमित संवाद हो।
- विकास कार्यों की संयुक्त निगरानी की जाए।
- पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
- योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
सहकारी बैंकों में किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि जिले के सभी सहकारी बैंकों में—
- शेड (छाया की व्यवस्था)
- पर्याप्त बैठने की सुविधा
- आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं
उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसानों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए डीएमएफ की नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया।
सांसद चिंतामणि महाराज ने भी दिए सुझाव
बैठक में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि अधूरे विकास कार्यों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि—
- सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
- जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों की नियमित जानकारी दी जाए।
- योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे।
कलेक्टर ने प्रस्तुत की विकास कार्यों की रिपोर्ट
बैठक में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रमुख विकास कार्यों तथा आगामी 2026-27 की कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि डीएमएफ के तहत प्राप्त राशि का उपयोग प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में किया जाएगा।
इन क्षेत्रों में शामिल हैं—
- पेयजल व्यवस्था
- पर्यावरण संरक्षण
- स्वास्थ्य सेवाएं
- शिक्षा
- महिला एवं बाल विकास
- कौशल विकास
- आजीविका संवर्धन
- स्वच्छता
- कृषि
- उद्यानिकी
- पशुपालन
इन सभी क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाएगा।
बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में—
- सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा
- प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते
- जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज
- पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर
- वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेई
- जिला खनिज संस्थान न्यास समिति के सदस्य
- विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख बिंदु
- मंत्री रामविचार नेताम ने पर्यटन आधारित कौशल विकास पर जोर दिया।
- युवाओं को गाइड, होम-स्टे, होटल प्रबंधन और पर्यटन सेवाओं से जोड़ने के निर्देश।
- डीएमएफ की राशि का पारदर्शी और उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने पर बल।
- सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश।
- सहकारी बैंकों में किसानों के लिए शेड और बैठने की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश।
- डीएमएफ की नई कार्ययोजना तैयार करने और पुराने कार्यों की समीक्षा।
- पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर।



