छत्तीसगढ़

बीजापुर में DRG जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, रुक-रुक कर फायरिंग जारी…

बीजापुर में DRG जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, रुक-रुक कर जारी है फायरिंग

सुरेश परतागिरी | बीजापुर।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। सुकमा के बाद अब बीजापुर जिले में भी डीआरजी (DRG) जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। शुक्रवार सुबह से भैरामगढ़–इंद्रावती क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग की खबर है।


खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैरामगढ़–इंद्रावती इलाके के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना सुरक्षा एजेंसियों को मिली थी।
इस इनपुट के आधार पर बीजापुर से डीआरजी जवानों की एक विशेष टीम को सर्च ऑपरेशन पर रवाना किया गया

सर्चिंग के दौरान ही जवानों का सामना नक्सलियों से हो गया और मुठभेड़ शुरू हो गई, जो शुक्रवार सुबह से अब तक जारी है।


घने जंगल और पहाड़ी इलाका, ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण

मुठभेड़ स्थल—

  • घना जंगल
  • ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाका
  • सीमित दृश्यता

इन परिस्थितियों के कारण ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हालांकि, सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और नक्सलियों की घेराबंदी कर उन्हें भागने से रोकने की रणनीति पर काम किया जा रहा है


लगातार दूसरे दिन नक्सलियों पर प्रहार

गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा दिन है जब डीआरजी जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई है

👉 गुरुवार को गोलापल्ली के जंगलों में हुई मुठभेड़ में—

  • जवानों ने 3 कुख्यात नक्सलियों को ढेर किया था
  • मारे गए नक्सलियों की पहचान इस प्रकार है:
    • माड़वी जोगा उर्फ मुन्ना उर्फ जगत – एरिया कमेटी मेंबर (ACM), किस्टाराम एरिया कमेटी
    • सोधी बंदी – ACM, किस्टाराम एरिया कमेटी
    • नुप्पो बाजनी (महिला) – ACM, किस्टाराम एरिया कमेटी

इन सभी पर कई गंभीर नक्सली वारदातों में शामिल होने का आरोप था।


सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, अतिरिक्त बल तैनात

वर्तमान मुठभेड़ को देखते हुए—

  • इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है
  • ड्रोन और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए भी नजर रखी जा रही है
  • वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं

फिलहाल किसी जवान के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


निष्कर्ष

बीजापुर में जारी यह मुठभेड़ साफ संकेत है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई अपने अहम मोड़ पर है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से नक्सली नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही नुकसान और बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।

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