छत्तीसगढ़

रायपुर में चिंतन शिविर 3.0 का आगाज: विकसित छत्तीसगढ़ के रोडमैप पर दो दिन का मंथन…

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राजधानी रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर में शनिवार से दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 की शुरुआत हो गई। इस शिविर में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को साकार करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना और शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा परिणामोन्मुख बनाना है।

विकसित छत्तीसगढ़ के विजन पर होगा मंथन

चिंतन शिविर में राज्य के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से—

  • विकसित छत्तीसगढ़ का विजन और भविष्य की विकास रणनीति
  • सुशासन और प्रशासनिक सुधार
  • परिणाम आधारित (Outcome-Based) शासन व्यवस्था
  • नीति निर्माण में नवाचार और तकनीक का उपयोग
  • कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था
  • उद्योग, निवेश और रोजगार
  • पर्यटन विकास
  • खेल और युवा सशक्तिकरण
  • डिजिटल गवर्नेंस एवं टेक्नोलॉजी
  • जनसेवा को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के उपाय

सरकार का मानना है कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय और स्पष्ट कार्ययोजना के माध्यम से विकास परियोजनाओं को अधिक गति दी जा सकती है।

देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

इस बार के चिंतन शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध विशेषज्ञ मंत्रियों और अधिकारियों को अपने अनुभवों से अवगत कराएंगे।

गौर गोपाल दास देंगे सकारात्मक नेतृत्व का मंत्र

प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु गौर गोपाल दास जीवन मूल्यों, सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास पर व्याख्यान देंगे। उनका सत्र नेतृत्व में संवेदनशीलता, मानसिक संतुलन और बेहतर निर्णय क्षमता विकसित करने पर केंद्रित रहेगा।

प्रो. अभय करंदीकर बताएंगे भविष्य की प्रशासनिक दिशा

अभय करंदीकर भविष्य की शासन व्यवस्था, तकनीकी नवाचार, डिजिटल प्रशासन और आधुनिक नीति निर्माण के विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। उनका व्याख्यान प्रशासन में तकनीक के अधिक प्रभावी उपयोग पर केंद्रित रहेगा।

डॉ. रमेश चंद बताएंगे कृषि विकास का रोडमैप

रमेश चंद किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक कृषि नीति पर विस्तार से चर्चा करेंगे। उनका मार्गदर्शन राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पर्यटन और निवेश पर सुमन बिल्ला का विशेष व्याख्यान

सुमन बिल्ला पर्यटन क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र के विस्तार पर अपने अनुभव साझा करेंगे। राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम मान रही है।

गगन नारंग साझा करेंगे सफलता के अनुभव

गगन नारंग नेतृत्व, लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के अपने अनुभव मंत्रियों एवं अधिकारियों के साथ साझा करेंगे, जिससे प्रशासनिक नेतृत्व को भी प्रेरणा मिल सके।

डॉ. विनय सहस्रबुद्धे बताएंगे सुशासन का मॉडल

पूर्व राज्यसभा सांसद एवं शिक्षाविद विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, प्रभावी प्रशासन, नेतृत्व क्षमता और नीति क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे।

सरकार का उद्देश्य

राज्य सरकार इस चिंतन शिविर के माध्यम से—

  • विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना,
  • निर्णय प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाना,
  • नवाचार आधारित प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना,
  • पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन प्रणाली को मजबूत करना,
  • नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और बेहतर बनाना,
  • तथा विकसित छत्तीसगढ़ के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करना चाहती है।

दो दिनों तक होंगे विभिन्न सत्र

दो दिवसीय शिविर के दौरान अलग-अलग विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान, विभागवार प्रस्तुतियां, समूह चर्चा और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर मंथन किया जाएगा। इन चर्चाओं के आधार पर सरकार आगामी वर्षों के लिए विकास, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों की प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

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