
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब (Low Pressure Area) के प्रभाव से प्रदेश के मध्य और मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है। राजधानी रायपुर सहित कई शहरों में लगातार वर्षा के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है और लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि 8 जुलाई से बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है।

अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे लगे उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पर बना अवदाब लगातार सक्रिय है। इसी सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ में नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिससे अधिकांश जिलों में लगातार वर्षा हो रही है।
इस दौरान—
- मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश होगी।
- कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
- कुछ इलाकों में अतिभारी (Extremely Heavy) बारिश भी हो सकती है।
- गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
8 जुलाई से मिलेगी राहत
मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 जुलाई से प्रदेश में वर्षा की तीव्रता कम होने लगेगी। हालांकि हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, लेकिन लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?
बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं—
| क्षेत्र | वर्षा |
|---|---|
| राजिम | 19 सेमी |
| दुर्ग | 18 सेमी |
| छुरा | 16 सेमी |
| रायपुर शहर | 15 सेमी |
| राजनांदगांव | 15 सेमी |
| पाटन | 15 सेमी |
| गोबरा नवापारा | 14 सेमी |
| माना | 14 सेमी |
| अर्जुन्दा | 13 सेमी |
| लाभांडी | 12 सेमी |
| गुंडरदेही | 12 सेमी |
| भिलाई | 11 सेमी |
| कोमाखान | 10 सेमी |
| मंदिर हसौद, डभरा, महासमुंद, बागबाहरा, अहिवारा | 8-8 सेमी |
| धमतरी, धरसीवा, अभनपुर, डोंगरगढ़, गरियाबंद, कुरूद सहित कई क्षेत्र | 7-7 सेमी |
इन आंकड़ों से साफ है कि मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल रहा है।
रायपुर में लगातार जारी है बारिश
राजधानी रायपुर में सोमवार 6 जुलाई को भी पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार—
- गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है।
- 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
25 से अधिक जिलों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं।
रेड अलर्ट
इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है—
- धमतरी
- बालोद
- राजनांदगांव
- गरियाबंद
- महासमुंद
- रायपुर
- बलौदा बाजार
- जांजगीर-चांपा
- बिलासपुर
- कोरबा
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
- दुर्ग
- बेमेतरा
- कबीरधाम
- मुंगेली
- सूरजपुर
- कोरिया
ऑरेंज अलर्ट
इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है—
- बीजापुर
- दंतेवाड़ा
- बस्तर
- नारायणपुर
- कोंडागांव
- कांकेर
- धमतरी
- बालोद
- राजनांदगांव
- गरियाबंद
- महासमुंद
- बलौदा बाजार
- जांजगीर-चांपा
- रायगढ़
- कोरबा
- कबीरधाम
- सरगुजा
- सूरजपुर
- कोरिया
यलो अलर्ट
इन जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और सामान्य से मध्यम वर्षा की संभावना है—
- सुकमा
- बीजापुर
- दंतेवाड़ा
- बस्तर
- नारायणपुर
- कोंडागांव
- कांकेर
- राजनांदगांव
- गरियाबंद
- महासमुंद
- जांजगीर-चांपा
- रायगढ़
- कोरबा
- जशपुर
- सरगुजा
- सूरजपुर
- बलरामपुर
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
लगातार खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
- बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।
- तेज हवा के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े न हों।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें।
- नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिसके कारण प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। 8 जुलाई के बाद वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आने के संकेत हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।



