
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब साइबर ठगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी के व्हाट्सएप अकाउंट को हैक कर लिया है। हैकर उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल करते हुए परिचितों से ऑनलाइन पैसे मांग रहा है। तीन दिनों के भीतर जिले के दूसरे बड़े भाजपा नेता का व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चिंता बढ़ गई है।

परिचितों को भेजा जा रहा 28 हजार रुपये का मैसेज
जानकारी के अनुसार, हैकर गोवर्धन मांझी के व्हाट्सएप अकाउंट से उनके संपर्क में मौजूद लोगों को मैसेज भेज रहा है। मैसेज में लिखा जा रहा है कि नेटवर्क संबंधी समस्या के कारण वह खुद ऑनलाइन भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए तत्काल 28 हजार रुपये UPI के माध्यम से भेज दें, जिन्हें बाद में वापस कर दिया जाएगा।

विश्वास दिलाने के लिए हैकर बातचीत भी कर रहा है और कई मामलों में ओटीपी या कोड से जुड़ी प्रक्रिया अपनाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, कुछ परिचितों को संदेह हुआ और उन्होंने सीधे गोवर्धन मांझी को फोन कर इसकी जानकारी दी। तभी उन्हें पता चला कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है।

गलती से APK फाइल पर क्लिक करने की आशंका
गोवर्धन मांझी ने बताया कि उनसे अनजाने में एक APK (Android Package Kit) फाइल पर क्लिक हो गया था। इसके बाद आशंका है कि साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट तक पहुंच बना ली।
उन्होंने तत्काल इस मामले की शिकायत साइबर सेल और संबंधित पुलिस अधिकारियों से की है। फिलहाल तकनीकी जांच जारी है और अकाउंट को सुरक्षित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
गोवर्धन मांझी ने आम लोगों और अपने परिचितों से अपील की है कि—
- उनके नाम से आने वाले किसी भी व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा न करें।
- किसी भी स्थिति में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें।
- यदि कोई संदिग्ध संदेश मिले तो पहले सीधे फोन कर पुष्टि करें।
- किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध दस्तावेज़ को डाउनलोड या ओपन न करें।
हैकर ने खुद को बताया छात्र
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हैकर ने कुछ व्हाट्सएप ग्रुप में खुद ही संदेश भेजकर अपनी पहचान एक छात्र के रूप में बताई है। उसने लिखा—
“मैं स्टूडेंट हूं, मुझे पैसों की जरूरत है। कल कॉलेज की फीस जमा करनी है। कोई पैसे भेज दो। मैं किसी गरीब से पैसे नहीं ले रहा हूं। विधायक जी मुझे बहुत अच्छे लगते हैं, इसलिए मैंने उनका अकाउंट हैक किया है।”
हालांकि, पुलिस इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है और इसे साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को भ्रमित करने की रणनीति भी मान रही है।
तीन दिन में भाजपा के दूसरे नेता बने शिकार
इस घटना से पहले भाजपा के जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का भी व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया था। उनके नाम से भी परिचितों को पैसे मांगने वाले संदेश भेजे गए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि साइबर ठग अब नेताओं और जनप्रतिनिधियों के सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बनाकर उनके परिचितों से ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं।
साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है—
- किसी भी अनजान APK फाइल या लिंक पर क्लिक न करें।
- व्हाट्सएप का टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification) चालू रखें।
- किसी भी ओटीपी, वेरिफिकेशन कोड या पिन को किसी के साथ साझा न करें।
- यदि किसी परिचित के नाम से अचानक पैसे मांगने का संदेश आए तो पहले फोन करके पुष्टि अवश्य करें।
- अकाउंट हैक होने की स्थिति में तुरंत पुलिस, साइबर सेल और व्हाट्सएप सपोर्ट को सूचना दें।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध मैसेज पर भरोसा न करें और साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।



