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Umang-DigiLocker का बढ़ता दायरा, अब एक जगह मिलेंगी कई सरकारी सेवाएं; जानिए क्या-क्या बदल रहा है…

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश में डिजिटल गवर्नेंस को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं और जरूरी दस्तावेजों को लोगों के लिए ज्यादा आसान, तेज और सुविधाजनक बनाना है। इसी दिशा में UMANG और DigiLocker जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

सरकार अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और संस्थानों की सेवाओं को इन प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है। इससे नागरिकों को हर छोटे-बड़े सरकारी काम के लिए अलग-अलग कार्यालय या वेबसाइट पर जाने की जरूरत कम हो सकती है।

31 जुलाई 2026 तक UMANG पर 2,575 सरकारी सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि DigiLocker पर 5,437 तरह के डॉक्यूमेंट्स और सेवाएं जोड़ी जा चुकी थीं। फरवरी से जुलाई के बीच UMANG पर 129 नई सेवाएं भी जोड़ी गईं।

UMANG और DigiLocker में क्या अंतर है?

दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म सरकारी सेवाओं से जुड़े हैं, लेकिन इनका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग है।

UMANG को आप एक डिजिटल सरकारी सेवा केंद्र की तरह समझ सकते हैं। इसमें अलग-अलग विभागों की सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए किसी सेवा के लिए आवेदन करना, स्टेटस देखना, बिल का भुगतान करना या किसी सरकारी सुविधा की जानकारी हासिल करना।

वहीं DigiLocker मुख्य रूप से डिजिटल दस्तावेजों के लिए बनाया गया प्लेटफॉर्म है। इसमें नागरिकों के महत्वपूर्ण दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर इन दस्तावेजों को डिजिटल तरीके से शेयर या प्रस्तुत भी किया जा सकता है।

यानी आसान भाषा में कहें तो—

UMANG = सरकारी सेवाओं तक डिजिटल पहुंच

DigiLocker = सरकारी और जरूरी दस्तावेजों का डिजिटल वॉलेट

UMANG पर तेजी से बढ़ रही हैं सरकारी सेवाएं

UMANG यानी Unified Mobile Application for New-age Governance पर लगातार नई सेवाएं जोड़ी जा रही हैं।

फरवरी से जुलाई 2026 के बीच प्लेटफॉर्म पर 129 नई सेवाएं जोड़ी गईं। इसका उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग विभागों की सेवाओं के लिए एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।

इसमें आवेदन से लेकर भुगतान और सेवा से जुड़ी जानकारी हासिल करने तक की सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।

समय के साथ UMANG पर पेंशन, स्कॉलरशिप, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPFO से जुड़ी कई सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

EPFO की सेवाएं भी UMANG पर

नौकरीपेशा लोगों के लिए UMANG की सबसे उपयोगी सेवाओं में से एक EPFO से जुड़ी सेवाएं हैं।

EPFO यानी Employees’ Provident Fund Organisation से संबंधित कई सुविधाओं को डिजिटल माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को हर छोटे काम के लिए EPFO कार्यालय जाने की जरूरत कम होती है।

उपलब्ध सेवाओं के आधार पर नागरिक अपना PF बैलेंस देखने, क्लेम से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने और अन्य संबंधित सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।

पेंशन और स्कॉलरशिप से जुड़ी सुविधाएं

UMANG पर सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा से संबंधित सेवाओं को भी जोड़ा जा रहा है।

पेंशन से संबंधित जानकारी और कुछ सेवाओं के अलावा विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप से जुड़ी सुविधाएं भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इससे खासतौर पर उन लोगों को फायदा मिल सकता है, जिन्हें सरकारी योजनाओं या सेवाओं के लिए अलग-अलग विभागों की वेबसाइट तलाशने में परेशानी होती है।

पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाएं

UMANG के माध्यम से पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कुछ सेवाओं तक भी पहुंच बनाई जा सकती है।

इसमें संबंधित सेवाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया या अन्य डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं। हालांकि, किसी सेवा के तहत कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं, यह संबंधित विभाग और सेवा की वर्तमान व्यवस्था पर निर्भर करता है।

DigiLocker में मिलेंगे जरूरी डिजिटल डॉक्यूमेंट

DigiLocker का फोकस दस्तावेजों को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने और सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने पर है।

इसमें अलग-अलग सरकारी विभागों और संस्थानों की ओर से जारी किए गए डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

31 जुलाई तक DigiLocker पर 5,437 तरह के डॉक्यूमेंट्स और सेवाएं जोड़े जाने की जानकारी दी गई है।

इसमें अलग-अलग राज्यों के एडमिट कार्ड और मार्कशीट जैसी शैक्षणिक सामग्री भी शामिल है।

मार्कशीट और एडमिट कार्ड से लेकर आयुष्मान कार्ड तक

DigiLocker में विद्यार्थियों के लिए डिजिटल दस्तावेज विशेष रूप से उपयोगी हो सकते हैं। कई संस्थानों और राज्यों की ओर से जारी मार्कशीट, प्रमाणपत्र और एडमिट कार्ड जैसे दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इसके अलावा आयुष्मान भारत PM-JAY कार्ड जैसी सुविधाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

इसका फायदा यह है कि जरूरी दस्तावेजों की भौतिक कॉपी हर समय साथ रखने की जरूरत कम हो सकती है।

बैंक स्टेटमेंट और TDS डॉक्यूमेंट भी डिजिटल

DigiLocker का दायरा अब सिर्फ शैक्षणिक या सरकारी प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं है। इसमें वित्तीय और अन्य जरूरी दस्तावेजों को भी जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

बैंक स्टेटमेंट और TDS से जुड़े दस्तावेज भी डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इसी तरह ब्याज प्रमाणपत्र और इंश्योरेंस पॉलिसी से संबंधित दस्तावेज भी डिजिटल इकोसिस्टम में शामिल किए जा रहे हैं।

इससे लोगों के लिए जरूरी दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से डिजिटल रूप में रखना आसान हो सकता है।

Family ID जैसी सुविधाएं भी हो रहीं शामिल

कुछ राज्यों और क्षेत्रों में DigiLocker जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए Family ID से जुड़ी सुविधाओं को भी जोड़ा जा रहा है।

हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि DigiLocker पर हर सुविधा हर राज्य में एक जैसी उपलब्ध नहीं होती। अलग-अलग राज्य सरकारों और विभागों द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं के आधार पर नागरिकों को सुविधाएं मिलती हैं।

इसलिए किसी दस्तावेज या सेवा की उपलब्धता संबंधित विभाग और राज्य की डिजिटल व्यवस्था पर निर्भर करती है।

बिजली बिल और रोजमर्रा की सेवाएं भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर

सरकार अब सिर्फ प्रमाणपत्र और सरकारी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की उपयोगी सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दे रही है।

इसमें बिजली बिल जैसी Utility Services भी शामिल हैं।

भविष्य में इस तरह की सेवाओं का दायरा बढ़ने से नागरिकों को अलग-अलग विभागों की वेबसाइट, ऐप या कार्यालय खोजने की जरूरत कम हो सकती है।

एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से कई तरह के सरकारी और नागरिक सेवाओं का इस्तेमाल करने की सुविधा डिजिटल गवर्नेंस को ज्यादा आसान बना सकती है।

स्मार्टफोन नहीं है तो CSC आएगा काम

डिजिटल सेवाओं का फायदा हर व्यक्ति तक पहुंचाना अपने आप में बड़ी चुनौती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों के पास स्मार्टफोन, तेज इंटरनेट या डिजिटल सेवाओं का पर्याप्त अनुभव नहीं होता।

ऐसे लोगों के लिए CSC यानी Common Service Centre महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

CSC के जरिए गांवों और स्थानीय स्तर पर नागरिकों को विभिन्न डिजिटल सरकारी सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराई जाती है।

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 30 जून तक देश में ग्राम पंचायत स्तर पर 4.07 लाख से ज्यादा CSC काम कर रहे थे।

इसका मतलब यह है कि जिन लोगों के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे भी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर की मदद से कई डिजिटल सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

गांवों में डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगी मजबूती

CSC नेटवर्क का विस्तार डिजिटल इंडिया के लिए महत्वपूर्ण है। इसका फायदा खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल सकता है।

कई बार सरकारी योजना, प्रमाणपत्र, पेंशन, दस्तावेज या आवेदन से जुड़ी सेवाओं के लिए लोगों को जिला मुख्यालय या संबंधित कार्यालय तक जाना पड़ता था।

यदि ऐसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होती हैं और स्थानीय स्तर पर CSC की सुविधा भी मौजूद है, तो यात्रा का समय और खर्च दोनों कम हो सकते हैं।

UMANG और DigiLocker से क्या फायदा होगा?

इन दोनों प्लेटफॉर्म का विस्तार होने से नागरिकों को कई स्तर पर सुविधा मिल सकती है।

समय की बचत: कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होने से सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम लग सकते हैं।

दस्तावेजों की आसान उपलब्धता: DigiLocker में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज जरूरत पड़ने पर आसानी से एक्सेस किए जा सकते हैं।

एक प्लेटफॉर्म पर कई सेवाएं: UMANG पर अलग-अलग सरकारी विभागों की सेवाओं को एक जगह उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

पारदर्शिता: ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग से प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी हो सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों को फायदा: CSC के माध्यम से डिजिटल सेवाओं को उन लोगों तक भी पहुंचाया जा सकता है, जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है।

क्या हर सेवा पूरे देश में उपलब्ध होगी?

यह एक महत्वपूर्ण बात है। UMANG या DigiLocker पर सेवा का उपलब्ध होना इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित मंत्रालय, विभाग, राज्य सरकार या संस्थान ने उस सेवा को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा है या नहीं।

इसलिए संभव है कि कोई सेवा एक राज्य में उपलब्ध हो, लेकिन दूसरे राज्य में उसका डिजिटल विकल्प अभी उपलब्ध न हो।

इसी तरह किसी दस्तावेज की उपलब्धता भी संबंधित बोर्ड, विश्वविद्यालय, सरकारी विभाग या संस्था के DigiLocker के साथ इंटीग्रेशन पर निर्भर करती है।

डिजिटल इंडिया को मिलेगी नई गति

UMANG और DigiLocker का बढ़ता दायरा केंद्र सरकार के डिजिटल गवर्नेंस के बड़े लक्ष्य का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं और दस्तावेजों को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।

एक तरफ UMANG नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच देने का माध्यम बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ DigiLocker जरूरी दस्तावेजों को डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

आने वाले समय में यदि ज्यादा से ज्यादा विभाग और राज्य अपनी सेवाओं को इन प्लेटफॉर्म से जोड़ते हैं, तो नागरिकों के लिए सरकारी कामकाज पहले की तुलना में काफी आसान हो सकता है।

एक नजर में समझिए

  • UMANG पर 31 जुलाई तक: 2,575 सरकारी सेवाएं
  • फरवरी-जुलाई के बीच नई सेवाएं: 129
  • DigiLocker पर: 5,437 तरह के डॉक्यूमेंट्स और सेवाएं
  • CSC: 30 जून तक ग्राम पंचायत स्तर पर 4.07 लाख से ज्यादा
  • UMANG का मुख्य काम: सरकारी सेवाओं तक डिजिटल पहुंच
  • DigiLocker का मुख्य काम: डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराना और सुरक्षित रखना
  • स्मार्टफोन न होने पर: CSC के जरिए डिजिटल सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है

निष्कर्ष

सरकार का लक्ष्य अब सरकारी सेवाओं को सिर्फ ऑनलाइन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा बनाना है। UMANG पर सेवाओं की बढ़ती संख्या और DigiLocker पर दस्तावेजों का विस्तार इसी दिशा में बड़ा कदम है।

आने वाले समय में बिजली बिल, पेंशन, स्कॉलरशिप, EPFO, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग और टैक्स से जुड़े दस्तावेज जैसी सुविधाएं एक बड़े डिजिटल नेटवर्क का हिस्सा बन सकती हैं।

इससे नागरिकों को सरकारी काम के लिए अलग-अलग दफ्तरों और वेबसाइटों के बीच भटकने की जरूरत कम होगी और ‘सरकार की सेवा नागरिक के मोबाइल तक’ पहुंचाने का लक्ष्य और मजबूत होगा।

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