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Stock Market Crash 2026: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, दो दिन में 2000 अंकों की भारी गिरावट, जानिए बड़ी वजहें

नई दिल्ली।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 21 जनवरी 2026 को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। लगातार दूसरे दिन बाजार धराशायी हुआ और निवेशकों में हड़कंप मच गया। दिनभर की ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 1000 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी करीब 200 अंक टूट गया। बीते दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में 2000 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

कैसा रहा आज का बाजार?

  • सेंसेक्स दिन के दौरान 1,000 अंक गिरकर 81,124 के निचले स्तर तक पहुंच गया
  • फिलहाल यह 81,600 के आसपास 600+ अंक (0.72%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है
  • निफ्टी 200 अंक (0.80%) टूटकर 25,000 के स्तर पर आ गया
  • सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ 5 शेयर हरे निशान में, जबकि 25 शेयर लाल निशान में रहे
  • बैंकिंग, ऑटो, रियल एस्टेट और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में यह गिरावट केवल घरेलू नहीं बल्कि ग्लोबल फैक्टर्स की वजह से आई है।


बाजार गिरने की 4 बड़ी वजहें

1. ट्रेड वॉर का खतरा और ग्रीनलैंड विवाद

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के बयान ने दुनिया भर के बाजारों को चिंता में डाल दिया है। यूरोपीय देशों ने इसका खुलकर विरोध किया है।

  • ट्रंप ने ग्रीनलैंड के समर्थन में खड़े यूरोपीय देशों पर आयात शुल्क (Tariff) लगाने की घोषणा की
  • इससे अमेरिका-यूरोप ट्रेड वॉर की आशंका बढ़ गई
  • यूरोपीय संघ (EU) ने जवाबी कदमों पर चर्चा के लिए आपातकालीन शिखर सम्मेलन बुलाया है

इस अनिश्चितता ने निवेशकों को रिस्क से दूर रहने पर मजबूर कर दिया।


2. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला

20 जनवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की नई टैरिफ नीतियों की वैधता पर सुनवाई की।

  • कोर्ट के रुख से संकेत मिला कि सरकार को कड़े व्यापारिक फैसले लेने की छूट मिल सकती है
  • इसका सीधा असर भारत के IT और फार्मा सेक्टर पर पड़ा
  • इन सेक्टर्स की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है
  • नतीजतन आज इन शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली

3. रुपये की रिकॉर्ड गिरावट और FIIs की बिकवाली

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 91.10 पर पहुंच गया है।

  • कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों (FIIs) के लिए घाटे का सौदा बन रहा है
  • NSDL के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में FIIs अब तक ₹29,000 करोड़ से ज्यादा निकाल चुके हैं
  • सिर्फ 20 जनवरी को ही FIIs ने ₹2,191 करोड़ के शेयर बेचे

हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹2,755 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की।


4. रिलायंस और बैंकों के कमजोर तिमाही नतीजे

तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजों ने भी बाजार को निराश किया।

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे
  • ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट से ऑपरेटिंग मार्जिन घटा
  • रिलायंस और बैंकिंग शेयरों की गिरावट ने सेंसेक्स पर भारी दबाव डाला

ग्लोबल बाजारों का हाल

दुनिया भर के बाजारों में भी कमजोरी देखी गई—

एशियाई बाजार

  • दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.26% गिरकर 4,873
  • जापान का निक्केई 0.56% गिरकर 52,693
  • हांगकांग का हैंग सेंग 0.13% गिरकर 26,453
  • चीन का शंघाई कंपोजिट 0.16% बढ़कर 4,120

अमेरिकी बाजार

  • डाउ जोन्स 1.76% गिरकर 48,488
  • नैस्डैक 2.39% टूटा
  • S&P 500 2.06% गिरा

कल भी बाजार में भारी गिरावट

  • 20 जनवरी को सेंसेक्स 1065 अंक (1.28%) गिरकर 82,180 पर बंद हुआ
  • निफ्टी 353 अंक (1.38%) गिरकर 25,233 पर सेटल हुआ

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक,

  • मौजूदा गिरावट भावनात्मक (Sentiment-driven) है
  • वैश्विक तनाव और कमजोर कॉर्पोरेट नतीजों से निवेशक घबराए हुए हैं
  • हालांकि मजबूत घरेलू फंड फ्लो के कारण लंबी अवधि में बाजार संभल सकता है

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