
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार, 14 जून को बिलासपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे नगर पंचायत बोदरी में आयोजित संत शिरोमणि गाडगे जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण, सम्मान समारोह और विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन में भी भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

दोपहर में बिलासपुर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 1:45 बजे हेलीकॉप्टर से बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट, चकरभाठा पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री 1:55 बजे नगर पंचायत बोदरी स्थित संत गाडगे चौक पहुंचेंगे, जहां संत शिरोमणि गाडगे जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
जयंती समारोह के साथ शपथ ग्रहण और सम्मान समारोह
मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वे संत गाडगे महाराज के विचारों और सामाजिक योगदान को याद करते हुए लोगों को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों का सम्मान भी किया जाएगा। साथ ही शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होगा, जिसमें सामाजिक दायित्वों और स्वच्छता जैसे जनहित के विषयों पर संकल्प दिलाया जाएगा।
विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दौरे के दौरान क्षेत्र के कई विकास कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र के विकास को गति देना है।
हालांकि, किन-किन योजनाओं का भूमिपूजन किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी कार्यक्रम के दौरान साझा किए जाने की संभावना है।
शाम को रायपुर लौटेंगे
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 3:25 बजे बोदरी से रवाना होकर 3:30 बजे बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से वे शाम 4 बजे हेलीकॉप्टर के जरिए रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
प्रशासन ने पूरी की तैयारियां
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों ने कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कार्यक्रम का आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।



