
जगदलपुर। बस्तर की खूबसूरती बरसात के मौसम में अपने अलग ही रंग में नजर आती है। चारों तरफ फैली हरियाली, बादलों से घिरा आसमान और पहाड़ों के बीच पूरे वेग से बहती इंद्रावती नदी इन दिनों चित्रकोट जलप्रपात की खूबसूरती को और बढ़ा रही है। देश के प्रसिद्ध ‘मिनी नियाग्रा’ चित्रकोट जलप्रपात का बरसात में बदला हुआ यह रूप पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
ड्रोन कैमरे से सामने आई तस्वीरों में चित्रकोट का विशाल जलप्रपात बेहद भव्य और रौद्र रूप में दिखाई दे रहा है। ऊपर से देखने पर दूर तक फैली इंद्रावती नदी, उसके आसपास की घनी हरियाली और फिर चट्टानों के बीच से तेजी से नीचे गिरता पानी ऐसा दृश्य बना रहा है, जिसे देखकर कोई भी रोमांचित हो जाए।

इंद्रावती नदी में बढ़ा जलस्तर, बदल गया चित्रकोट का रूप
लगातार बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर बस्तर में साफ दिखाई दे रहा है। नदी में पानी बढ़ने के साथ चित्रकोट जलप्रपात का स्वरूप भी पूरी तरह बदल गया है।
आमतौर पर चित्रकोट जलप्रपात अपनी करीब 90 फीट की ऊंचाई और घोड़े की नाल जैसी चौड़ी आकृति के लिए जाना जाता है। लेकिन जब इंद्रावती का जलस्तर काफी बढ़ जाता है, तो जलप्रपात का स्वरूप अलग दिखाई देने लगता है। इस समय पानी का फैलाव अधिक होने से कई धाराएं एक साथ नीचे गिरती नजर आ रही हैं।
पानी का तेज बहाव और चट्टानों पर टकराती धाराएं चित्रकोट को बरसात के मौसम में बेहद आकर्षक बना रही हैं। कई जगहों पर जलप्रवाह इतना चौड़ा नजर आ रहा है कि ऐसा लगता है मानो पूरी चट्टानी दीवार ही पानी की धाराओं में बदल गई हो।
ओडिशा में लगातार बारिश का असर
इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र से माना जाता है। इसके बाद नदी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से होकर आगे बढ़ती है। ऐसे में ओडिशा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली बारिश का सीधा असर बस्तर में इंद्रावती के जलस्तर पर पड़ता है।
इन दिनों ओडिशा क्षेत्र में बारिश के कारण नदी में पानी की आवक बढ़ी है। इसी वजह से चित्रकोट में भी जलप्रवाह तेज दिखाई दे रहा है। इसके अलावा इंद्रावती परियोजना और जलाशयों के गेट खोले जाने को लेकर भी चर्चा है। हालांकि कौन-कौन से गेट वर्तमान में खोले गए हैं और उससे कितना पानी छोड़ा गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
फिलहाल इतना जरूर है कि इंद्रावती नदी में बढ़े जलस्तर ने चित्रकोट जलप्रपात की तस्वीर बदल दी है।
मिनी नियाग्रा अपने पूरे शबाब पर
चित्रकोट जलप्रपात को देश के सबसे खूबसूरत जलप्रपातों में गिना जाता है और इसे अक्सर ‘भारत का मिनी नियाग्रा’ कहा जाता है। खासकर बारिश के मौसम में जब इंद्रावती नदी उफान पर होती है, तब चित्रकोट का नजारा देखते ही बनता है।
इस समय जलप्रपात में पानी की कई धाराएं एक साथ नीचे गिर रही हैं। तेज बहाव के कारण उठती पानी की फुहार और आसपास छाई हरियाली पूरे इलाके को बेहद खूबसूरत बना रही है।
ड्रोन से लिए गए हवाई दृश्य इस खूबसूरती को और बेहतर तरीके से दिखाते हैं। जमीन से जहां केवल जलप्रपात का एक हिस्सा दिखाई देता है, वहीं आसमान से देखने पर इंद्रावती नदी का विशाल विस्तार और उसके बाद जलप्रपात की ओर बढ़ता जलप्रवाह एक साथ नजर आता है।
पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा बरसाती चित्रकोट
बरसात के मौसम में चित्रकोट जलप्रपात को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इस बार नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर और जलप्रपात का बदला हुआ स्वरूप लोगों के आकर्षण का खास कारण बना हुआ है।
पर्यटक यहां पहुंचकर जलप्रपात के अलग-अलग व्यू प्वाइंट से तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी चित्रकोट के बरसाती रूप की तस्वीरें और ड्रोन वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
बस्तर आने वाले पर्यटकों के लिए चित्रकोट पहले से ही प्रमुख आकर्षण है, लेकिन बारिश के दिनों में इसका नजारा पूरी तरह बदल जाता है। हरे-भरे जंगलों और पहाड़ियों के बीच बहती इंद्रावती और फिर अचानक विशाल चट्टान से नीचे गिरता पानी प्रकृति का ऐसा दृश्य प्रस्तुत करता है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जा सकता है।
खूबसूरती के साथ सावधानी भी जरूरी
इंद्रावती नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर जहां चित्रकोट की खूबसूरती बढ़ा रहा है, वहीं नदी किनारे और जलप्रपात के आसपास सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी भी जरूरी है। तेज बहाव के दौरान पानी के नजदीक जाना जोखिम भरा हो सकता है।
पर्यटकों को प्रशासन और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। विशेष रूप से नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों, चट्टानों के किनारे और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचना जरूरी है।
ड्रोन तस्वीरों में दिखा बस्तर का शानदार रूप
चित्रकोट का यह दृश्य केवल एक जलप्रपात की तस्वीर नहीं है, बल्कि बारिश के मौसम में पूरे बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती की झलक है। एक ओर दूर तक फैली इंद्रावती नदी है, दूसरी ओर घने हरे जंगल और पहाड़ियां हैं और बीच में विशाल जलधारा पूरी ताकत के साथ चट्टानों से नीचे गिर रही है।
बरसात ने चित्रकोट को जैसे नया जीवन दे दिया है। पानी की गर्जना, चारों ओर हरियाली और बादलों से घिरा आसमान मिलकर ऐसा दृश्य बना रहे हैं, जो बस्तर को प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए और भी खास बना देता है।
ड्रोन कैमरे से सामने आई चित्रकोट की तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि बारिश के मौसम में बस्तर का ‘मिनी नियाग्रा’ अपने सबसे भव्य और रोमांचक रूप में नजर आ रहा है।



