
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि जैविक खेती ही भविष्य की कृषि है, जो न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने गुरुवार को बिलासपुर स्थित कृषि महाविद्यालय में कृषि विभाग की एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजना के तहत आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

किसान हैं धरती पुत्र, खेती भारतीय संस्कृति की पहचान
अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि धरती पुत्र हैं। कृषि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की आत्मा है। गांवों की समृद्धि, किसानों की खुशहाली और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। यदि गांव मजबूत होंगे तो देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता लगातार कम हो रही है और इसका दुष्प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। ऐसे में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।

जैविक खेती के साथ जल संरक्षण और पशुपालन पर भी दिया जोर
श्री साव ने किसानों से अपील की कि वे केवल जैविक खेती तक सीमित न रहें, बल्कि जल संरक्षण, पशुपालन, गौसंवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी अपनी कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि गांवों में आपसी सहयोग, सामुदायिक भागीदारी और आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से आत्मनिर्भरता का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत घटती है, मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है, पर्यावरण सुरक्षित रहता है और उपभोक्ताओं को भी स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ उपलब्ध होते हैं।

केंद्र सरकार की योजनाओं से किसानों को मिला आर्थिक संबल
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता, आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाएं और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गांवों को पुनः समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी है।

राष्ट्र निर्माण में किसानों की अहम भूमिका : सुशांत शुक्ला
कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति गांव, किसान और जनभागीदारी में निहित है। किसानों की मेहनत देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ रसायनमुक्त एवं विविधीकृत खेती अपनाने का आग्रह किया। साथ ही जल संरक्षण, वृक्षारोपण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है।
प्राकृतिक खेती से घटेगी लागत, बढ़ेगी आय
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. गीत शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
उत्कृष्ट जैविक किसानों का हुआ सम्मान
कार्यशाला के दौरान जैविक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों का सम्मान भी किया गया। इनमें प्रमुख रूप से—
- श्री जदूनंदन साहू
- श्री हजारीलाल पटेल
- श्रीमती श्रद्धा मिश्रा
- श्रीमती शिल्पी राजपूत
सहित अन्य किसानों को सम्मानित किया गया।
विशेषज्ञों ने बताए जैविक खेती के आधुनिक तरीके
कृषि विशेषज्ञ श्री बृजलाल राठौर ने किसानों को जैविक खेती की तकनीकों, लाभों और संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान उत्पादन लागत कम कर सकते हैं, मिट्टी की उर्वरता बढ़ा सकते हैं और गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद तैयार कर बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यशाला में किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक उर्वरकों का उपयोग, प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकें तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें नई तकनीकों को समझने और खेती में अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, सभापति श्रीमती अंबालिका साहू, श्रीमती अनुसुईया जागेंद्र कश्यप, रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, डॉ. आर.के.एस. तोमर, श्री राजेश सिंह, श्री राकेश तिवारी, श्री धीरेंद्र दुबे, श्री दिनेश कौशिक, कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही।



