
राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने 15 अप्रैल 2026 से उपसभापतियों के पैनल (Panel of Vice-Chairpersons) का पुनर्गठन कर दिया है। इस नए पैनल में विभिन्न दलों के कुल 6 सदस्यों को शामिल किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ से कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम को भी जगह मिली है।
🏛️ पैनल में कौन-कौन शामिल?
पुनर्गठित समिति में अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधित्व को शामिल किया गया है:
- फूलो देवी नेताम (कांग्रेस, छत्तीसगढ़)
- दिनेश शर्मा (भाजपा)
- एस फांग्नोन कोन्याक (भाजपा)
- घनश्याम तिवारी (भाजपा)
- एम. थंबीदुरई (AIADMK)
- सस्मित पात्रा (BJD)

📌 पैनल का क्या होता है काम?
उपसभापतियों का पैनल राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान अहम भूमिका निभाता है:
- सभापति या उपसभापति की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही का संचालन
- सदन में अनुशासन और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना
- महत्वपूर्ण बहस और विधायी कार्यों को सुचारू रूप से चलाना
🗳️ उपसभापति पद के लिए चुनाव
- राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए चुनाव 17 अप्रैल 2026, सुबह 11 बजे होगा
- इस पद के लिए हरिवंश नारायण सिंह के फिर से चुने जाने की संभावना जताई जा रही है
👤 हरिवंश का कार्यकाल
हरिवंश नारायण सिंह:
- लगातार दो कार्यकाल तक उपसभापति रह चुके हैं
- 9 अप्रैल 2026 को उनका पिछला कार्यकाल समाप्त हुआ
- इसके बाद द्रौपदी मुर्मू द्वारा उन्हें पुनः राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया
🌐 राजनीतिक संतुलन की झलक
इस पैनल में BJP, कांग्रेस, AIADMK और BJD जैसे अलग-अलग दलों के नेताओं को शामिल किया गया है, जो संसद में राजनीतिक संतुलन और समावेशिता को दर्शाता है।
📌 निष्कर्ष
राज्यसभा के उपसभापतियों के पैनल का यह पुनर्गठन न केवल संसदीय कार्यवाही को सुचारू बनाने के लिए अहम है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ की प्रतिनिधि फूलो देवी नेताम को शामिल किया जाना राज्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।



