रायपुर डीईओ कार्यालय में आग को लेकर गरमाई राजनीति, दीपक बैज ने बताया ‘षड्यंत्र’

रायपुर। रायपुर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में आग लगने की घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को पूर्व नियोजित षड्यंत्र बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि कार्यालय में आग जानबूझकर लगाई गई, ताकि महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नष्ट किया जा सके। उनके अनुसार, आग में जो फाइलें जली हैं, उनमें कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और नियुक्तियों से संबंधित फाइलें शामिल थीं। उन्होंने इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार छिपाने की कोशिश करार दिया।
दीपक बैज ने सवाल उठाया कि घटना की निष्पक्ष जांच शुरू होने से पहले ही डीईओ कार्यालय की बिल्डिंग को तोड़ दिया गया, जिससे कई अहम सबूत नष्ट होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई संदेह को और गहरा करती है और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है।
सरकार पर तीखा हमला
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन का दामन साफ है, तो फिर जांच से पहले भवन को ध्वस्त करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
डिनर डिप्लोमेसी पर भी टिप्पणी
मीडिया से चर्चा के दौरान दीपक बैज ने दिल्ली में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के निवास पर हुई ‘डिनर डिप्लोमेसी’ पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और वे समय-समय पर सरकार की गलत नीतियों, भ्रष्टाचार और हाल ही में हुए जंबूरी घोटाले जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि इन मुद्दों के चलते सरकार बैकफुट पर आ गई है, और ऐसे में दिल्ली में उनके आवास पर नेताओं का एक साथ भोजन करना किसी नई राजनीतिक रणनीति और चाल की योजना का संकेत देता है।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
इस दौरान मीडिया से बातचीत में कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला भी मौजूद रहे। उन्होंने भी आगजनी की घटना को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि डीईओ कार्यालय में आग और उसके बाद की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है, जिनका जवाब सरकार और प्रशासन को जनता के सामने देना चाहिए।



