
राजधानी रायपुर के प्रमुख पर्यटन और सार्वजनिक स्थल मरीन ड्राइव (तेलीबांधा तालाब) पर पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर सियासत तेज हो गई है। रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया और नगर निगम पर बिना उचित पार्किंग व्यवस्था किए जबरन शुल्क वसूलने का आरोप लगाया।

🚩 कांग्रेस का प्रदर्शन, निगम के खिलाफ नारेबाजी
मरीन ड्राइव पर पार्किंग शुल्क वसूली के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पार्किंग शुल्क को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि नगर निगम ने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
🅿️ बिना सुविधा शुल्क वसूली का आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मरीन ड्राइव पर अभी तक व्यवस्थित पार्किंग की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। न तो वहां पर्याप्त पार्किंग स्लॉट बनाए गए हैं और न ही सुरक्षा और प्रबंधन की समुचित व्यवस्था है। इसके बावजूद वाहन चालकों से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।
नेताओं ने सवाल उठाया कि जब पार्किंग की मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं, तो फिर शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है।
🎯 महापौर पर साधा निशाना, कहा ‘वसूली दीदी’
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने रायपुर की महापौर पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम जनता की सुविधा के बजाय राजस्व बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। इसी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने महापौर को ‘वसूली दीदी’ कहकर संबोधित किया और इस फैसले की आलोचना की।
🌇 आम लोगों के लिए सार्वजनिक स्थल है मरीन ड्राइव
कांग्रेस का कहना है कि तेलीबांधा तालाब स्थित मरीन ड्राइव राजधानी का एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में लोग सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने और परिवार के साथ समय बिताने आते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर शुल्क लगाना आम नागरिकों के हितों के खिलाफ है।
उनका मानना है कि इस तरह के फैसले से आम जनता की पहुंच और सुविधा प्रभावित होगी।
⚖️ शुल्क वापस लेने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम से पार्किंग शुल्क वसूली का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले पूरी पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार का शुल्क लागू किया जाए।
📌 आगे भी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम ने पार्किंग शुल्क वापस नहीं लिया, तो पार्टी आगे भी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करेगी। इससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद और बढ़ सकता है।
यह मामला अब राजधानी में आम जनता की सुविधा और नगर निगम की नीतियों के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है।



