
नारायणपुर। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से नारायणपुर वनमंडल द्वारा पुलिस लाइन परिसर में वन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर जिले में नक्सल हिंसा के दौरान शहीद हुए 118 पुलिस जवानों की स्मृति में ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत शहीद वाटिका का निर्माण कर प्रत्येक शहीद के नाम पर एक पौधा लगाया गया। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहीदों को श्रद्धांजलि देने का भावनात्मक और प्रेरणादायक संदेश लेकर आया।

शहीदों का बलिदान हमेशा रहेगा अमर : केदार कश्यप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि शहीदों की स्मृति में लगाया गया प्रत्येक पौधा उनके सर्वोच्च बलिदान का जीवंत प्रतीक है। जैसे-जैसे ये पौधे वृक्ष बनेंगे, वैसे-वैसे आने वाली पीढ़ियां भी शहीदों के त्याग और देशभक्ति को याद रखेंगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक पौधों की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छ, सुरक्षित और हरित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

शहीद वाटिका में लगाए गए 118 प्रजातियों के पौधे
वन मंत्री ने स्वयं शहीद वाटिका में पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। इस विशेष वाटिका में जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए 118 अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- आम
- अमलतास
- रुद्राक्ष
- आंवला
- अशोक
- चीकू
- लीची
- रीठा
- साल
- साजा
- हर्रा
- बेहड़ा
- शीशम
- खम्हार
- कटहल
- अंजीर
- मालाबार नीम
- बेल
- मुनगा
- सफेद चंदन
- लाल चंदन
- कनकचंपा
- करंज
- पीपल
- सागौन
- महुआ
- एवोकाडो
- रामफल
- स्टारफ्रूट
- कुसुम
- मौसंबी
- नींबू
- कदंब
- सिल्वर ओक
- करौंदा
- मलबरी
- सपोटा सहित अनेक महत्वपूर्ण प्रजातियां।
इन पौधों का चयन जैव विविधता, औषधीय उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय पारिस्थितिकी को ध्यान में रखकर किया गया है।
हरियाली रथ को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने हरियाली रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस रथ के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में—
- पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी।
- ग्रामीणों को 10 हजार फलदार पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।
- गांव-गांव पहुंचकर पौधारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ा जाएगा।
ट्री-एटीएम से भी मिले पौधे
वन विभाग ने इस बार आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया।
कार्यक्रम में ट्री-एटीएम की व्यवस्था की गई, जिसके माध्यम से नागरिक आसानी से पौधे प्राप्त कर सके। इस पहल का उद्देश्य पौधों की उपलब्धता को सरल बनाना और अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना है।
किसान वृक्ष मित्र योजना से किसानों को लाभ
वन महोत्सव के दौरान किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत चयनित किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मूल्यवान पौधों का वितरण किया गया।
किसानों को निःशुल्क दिए गए—
- सफेद चंदन
- मिलिया डुबिया (मालाबार नीम)
इन पौधों से भविष्य में किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
संयुक्त वन प्रबंधन समिति के ग्रामीणों को मिले उन्नत पौधे
सुपगांव संयुक्त वन प्रबंधन समिति के 15 सक्रिय ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्नत कलमी पौधे वितरित किए गए।
इनमें शामिल हैं—
- आम
- अमरूद
- कटहल
- जामुन
- सिंदूरी
- नींबू
इन पौधों के माध्यम से ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने और बागवानी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सीडबॉल तकनीक से होगा प्राकृतिक वन विस्तार
कार्यक्रम की एक विशेष आकर्षण सीडबॉल तकनीक भी रही।
स्कूली बच्चों द्वारा तैयार किए गए सीडबॉल वन क्षेत्रों में बिखेरे गए। वर्षा ऋतु के दौरान ये बीज स्वतः अंकुरित होकर नए पौधों में विकसित होंगे, जिससे प्राकृतिक वनों का विस्तार होगा और हरियाली बढ़ेगी।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
वन महोत्सव में—
- जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम
- नगर पालिका परिषद नारायणपुर के अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल
- उपाध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा
- जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्य
- कलेक्टर
- पुलिस अधीक्षक
- जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी
- वनमंडल नारायणपुर के अधिकारी-कर्मचारी
- बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।
प्रमुख बिंदु
- नारायणपुर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वन महोत्सव आयोजित।
- 118 शहीद पुलिस जवानों की स्मृति में शहीद वाटिका का निर्माण।
- शहीदों के नाम पर 118 विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
- हरियाली रथ के माध्यम से 10 हजार फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण।
- ट्री-एटीएम के जरिए पौधों की आसान उपलब्धता।
- किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत किसानों को सफेद चंदन और मालाबार नीम के पौधे वितरित।
- संयुक्त वन प्रबंधन समिति के ग्रामीणों को उन्नत फलदार पौधे प्रदान किए गए।
- स्कूली बच्चों के सीडबॉल अभियान से प्राकृतिक वन विस्तार को बढ़ावा मिला।



