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इजराइल-अमेरिका–ईरान युद्ध पर पीएम मोदी का बड़ा बयान: हालात चिंताजनक, शांति और संवाद ही समाधान..

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंभीर चिंता जताई है और साफ कहा है कि “मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं।” उन्होंने शांति, संवाद और कूटनीति को ही समाधान का रास्ता बताया।


🇮🇳 क्या बोले Narendra Modi?

कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी ने कहा:

  • मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में हालात गंभीर हैं।
  • भारत शांति और स्थिरता का पक्षधर है।
  • मौजूदा संकट का हल सिर्फ बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है।
  • जब दो लोकतंत्र साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और मजबूत होती है।
  • भारत सभी देशों के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति बहाली के लिए काम करेगा।

उन्होंने दो टूक कहा कि “संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं, संवाद ही एकमात्र रास्ता है।”


📞 नेतन्याहू से फोन पर बातचीत

इससे पहले पीएम मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से फोन पर बात की।
उन्होंने क्षेत्र में बढ़ती दुश्मनी को जल्द खत्म करने और तनाव कम करने पर जोर दिया।

यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब इजराइल-ईरान के बीच तनाव चरम पर है और अमेरिका की भूमिका भी चर्चा में है।


🇮🇳 भारतीयों की सुरक्षा पर क्या कहा?

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया:

  • विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
  • सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
  • जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी (Evacuation) की व्यवस्था की जाएगी।

✈️ केंद्र सरकार की तैयारी

केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi ने कहा:

  • खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित लाने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
  • विदेशों में भारतीय दूतावासों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
  • पहले भी यूक्रेन संकट के दौरान भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया था।
  • चिंतित परिवारों को घबराने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि “जहां भी भारतीय संकट में होंगे, सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाएगी।”


🌍 भारत की कूटनीतिक लाइन

भारत की आधिकारिक नीति इस मुद्दे पर स्पष्ट है:

  1. तटस्थ लेकिन सक्रिय रुख
  2. सभी पक्षों से संवाद बनाए रखना
  3. युद्ध की बजाय कूटनीति पर जोर
  4. क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति का समर्थन

भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि:

  • खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं
  • तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है
  • क्षेत्रीय अस्थिरता का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है

🔎 कुल मिलाकर क्या संकेत?

  • भारत किसी भी सैन्य टकराव का समर्थन नहीं कर रहा।
  • शांति और बातचीत ही आधिकारिक रुख है।
  • भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष फोकस है।
  • भारत वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार मध्यस्थ की भूमिका निभाना चाहता है।

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