महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक केंद्र (रीपा) में ताला लगा..

गौरेला l अधिकारी बच रहे हैं कुछ भी कहने से,स्व सहायता समूह की महिलाएं हुई बेरोजगार,विगत 1 वर्ष से बंद है उत्पादन
जिले की ग्राम पंचायत धनौली में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक केंद्र रीवा की स्थापना की गई थी परंतु विगत एक वर्ष से रीवा में ताला लगा हुआ है मुख्य तौर पर इसमें प्राकृतिक गोबर पेंट, दुग्ध संग्रहण, बैग का निर्माण, कोदो कुटकी संग्रहण का कार्य महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से कराया जाता था शुरुआत के दौर में तो यह औद्योगिक केंद्र भली भांति संचालित हो रहा था परंतु प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद इस उद्योग पर काला संकट छा गया ठीक उसी तरह है जिस तरह जिस तरह पूर्ववर्ती सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गौठान की स्थिति सर्व विदित है

स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को रोजगार देने की मंशा से इस औद्योगिक केंद्र को स्थापित किया गया था शासन के द्वारा इस उद्योग केंद्र के लिए करोड़ों रुपए की राशि का खर्च भी किया गया महंगी महंगी मशीनों का क्रय किया गया केंद्र के संचालन के लिए प्रथक प्रथक भवनों का निर्माण किया गया एवं उद्योग के सुचारू रूप से संचालन हेतु शासन के द्वारा कच्चा माल भी महिला स्वास्थ सहायता समूह को उपलब्ध कराया गया परंतु विगत एक वर्ष से यह औद्योगिक केंद्र सुनसान पड़ा हुआ है जहां कभी महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं रोजगार करती थी आज वह बेरोजगार हो चुकी हैं।
