‘काला हिरण’ फिल्म विवाद: रिलीज रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे सलमान खान, निर्माताओं को नोटिस

नई दिल्ली। सलमान खान ने अपनी कथित छवि और व्यक्तित्व अधिकार (Personality Rights) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज, प्रचार और निर्माण पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिल्म के निर्माता और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 19 जून को होगी।

क्या है सलमान खान का आरोप?
याचिका में सलमान खान का कहना है कि फिल्म उनकी अनुमति के बिना बनाई जा रही है और इसमें उनके व्यक्तित्व, छवि तथा सार्वजनिक पहचान का इस्तेमाल किया गया है। उनका आरोप है कि फिल्म में ऐसे तत्व शामिल हैं जो उनके खिलाफ अंडरवर्ल्ड से संबंध जैसे आरोपों की ओर इशारा करते हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।
पोस्टर और टीजर से बढ़ा विवाद
सलमान खान की ओर से अदालत में कहा गया कि फिल्म के पोस्टर और हाल ही में जारी टीजर में दिखाया गया किरदार उनकी तरह दिखाई देता है। याचिका के अनुसार—
- किरदार का लुक सलमान खान से काफी मिलता-जुलता है।
- उसके हाथ में राइफल दिखाई गई है।
- उसकी कलाई में सलमान का प्रसिद्ध फिरोजी (टर्क्वॉइज़) ब्रेसलेट जैसा ब्रेसलेट भी दिखाया गया है।
सलमान का दावा है कि यह उनकी पहचान का व्यावसायिक उपयोग है और उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करता है।
पहले भेजा गया था कानूनी नोटिस
हाई कोर्ट जाने से पहले सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म के निर्माताओं को लीगल नोटिस भेजा था। इसमें कहा गया था कि फिल्म कथित तौर पर 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है और इसकी रिलीज अभिनेता की छवि को प्रभावित कर सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया कि संबंधित मामला अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए उस पर आधारित फिल्म न्यायिक प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने की। अदालत ने निर्माता, निर्देशक और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को निर्धारित की गई है।
क्या है 1998 का काला हिरण शिकार मामला?
यह विवाद अक्टूबर 1998 का है, जब सलमान खान फिल्म हम साथ-साथ हैं की शूटिंग के लिए जोधपुर में थे। उन पर काले हिरण के शिकार का आरोप लगा था।
चूंकि बिश्नोई समाज काले हिरण को अत्यंत पवित्र मानता है, इसलिए इस मामले को अदालत तक ले जाया गया।
इस केस में सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे के नाम भी सामने आए थे, लेकिन बाद में उन्हें बरी कर दिया गया।
वहीं, वर्ष 2018 में निचली अदालत ने सलमान खान को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई थी। हालांकि उन्हें तुरंत जमानत मिल गई और उन्होंने फैसले के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में अपील दायर की, जहां मामला अभी भी लंबित है।



