
रायपुर/गरियाबंद। सावन के महीने में छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों जतमई धाम, घटारानी और राजिमधाम में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाली एक महिला चोर गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नागपुर और आसपास के इलाकों की रहने वाली 7 महिलाओं को पकड़ा है। आरोप है कि ये महिलाएं कार से धार्मिक स्थलों और वहां उमड़ने वाली भीड़ की पहले रेकी करती थीं और मौका मिलते ही महिलाओं के गले से सोने की चेन, कान के गहने और पर्स पार कर देती थीं।

गिरोह के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय चोर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
जतमई धाम में महिला के गले से पार की 3 लाख की चेन
मामला 9 अगस्त का बताया जा रहा है। सावन के दौरान जतमई धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। इसी भीड़ का फायदा उठाकर आरंग निवासी नीलम चक्रधर के गले से सोने की चेन चोरी कर ली गई।
बताया गया कि चेन करीब 2 तोले की थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई जा रही है। वारदात का पता चलने के बाद महिला ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग
पुलिस जांच के दौरान धार्मिक स्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों वाली महिलाओं और उनके साथ चल रही कार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जांच में पुलिस को कार का नंबर MP 49 SB 2471 मिला। इसके आधार पर पुलिस ने संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की। पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया और संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई।
इसी दौरान पुलिस को संदिग्ध कार के महासमुंद के पास से गुजरने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर कार को रोक लिया।
कार रोकते ही खुल गया महिला गैंग का राज
नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने MP 49 SB 2471 नंबर की कार को रोका। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को चोरी से संबंधित सामान बरामद हुआ। इसके बाद कार में सवार सातों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पूछताछ में सामने आया कि सभी महिलाएं महाराष्ट्र के नागपुर और आसपास के क्षेत्रों की रहने वाली हैं। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और छत्तीसगढ़ में इनके संभावित नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही है।
पकड़ी गईं 7 महिलाएं कौन-कौन?
पुलिस के मुताबिक पकड़ी गई महिलाओं की पहचान इस प्रकार हुई है—
- रोनक पातनकर, उम्र 30 वर्ष
- सीमा पात्रे, उम्र 40 वर्ष
- विद्या उफाड़े, उम्र 30 वर्ष
- मुस्कान पात्रे, उम्र 26 वर्ष
- मीना खवड़े, उम्र 35 वर्ष
- नंदिनी पात्रे, उम्र 30 वर्ष
- छाया उफाड़े, उम्र 50 वर्ष
सभी आरोपी महिलाएं महाराष्ट्र के नागपुर और आसपास के इलाकों की रहने वाली बताई गई हैं।
कार से धार्मिक स्थलों की करती थीं रेकी
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिलाएं एक कार में सवार होकर धार्मिक स्थलों तक पहुंचती थीं। वहां पहले भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की गतिविधियों की रेकी की जाती थी।
इसके बाद गिरोह की महिलाएं भीड़ में अलग-अलग होकर श्रद्धालुओं के बीच घुल-मिल जाती थीं। खास तौर पर महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच मौका मिलते ही गले की सोने की चेन, कान के गहने अथवा पर्स पर हाथ साफ कर दिया जाता था।
वारदात के बाद आरोपी महिलाएं तत्काल वहां से निकलकर कार में सवार हो जाती थीं। यही वजह है कि पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह ने किन-किन स्थानों पर इस तरह की वारदातें की हैं।
जतमई, घटारानी और राजिमधाम पर थी नजर
सावन के महीने में छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जतमई, घटारानी और राजिमधाम जैसे प्रमुख स्थानों पर खास दिनों में भीड़ काफी बढ़ जाती है। पुलिस को आशंका है कि इसी भीड़ को देखते हुए महिला गैंग इन धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही थी।
धार्मिक स्थलों पर महिलाओं की संख्या अधिक होने और पूजा-दर्शन के दौरान लोगों का ध्यान दूसरी तरफ रहने का फायदा उठाकर चेन और अन्य कीमती सामान चोरी करने की कोशिश की जाती थी।
अंतरराज्यीय गिरोह से कनेक्शन की जांच
सातों महिलाओं के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या ये महिलाएं अकेले ही वारदात करती थीं या इनके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क काम कर रहा है।
पुलिस इनके मोबाइल फोन, संपर्कों, पिछले यात्रा रिकॉर्ड और संभावित आपराधिक मामलों की भी जांच कर सकती है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ आने से पहले इन महिलाओं ने किन शहरों और धार्मिक स्थलों का दौरा किया था।
श्रद्धालुओं में बढ़ी चिंता, महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनकर पहुंच रहीं
महिला चोर गिरोह के पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं में भी सतर्कता बढ़ गई है। जतमई धाम में चोरी की घटना के बाद कई महिलाएं सोने के आभूषणों की जगह आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनकर दर्शन के लिए पहुंच रही हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ के दौरान गहनों और पर्स को लेकर विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों को उम्मीद है कि ऐसे गिरोहों पर अंकुश लगेगा और सावन के दौरान मंदिरों में आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित दर्शन कर सकेंगे।
मंदिरों के आसपास पुलिस की निगरानी बढ़ी
घटना के बाद पुलिस ने प्रमुख धार्मिक स्थलों और उनके आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। भीड़ वाले स्थानों पर सादी वर्दी में पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है। CCTV कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस का फोकस खास तौर पर ऐसे लोगों और वाहनों पर है, जो धार्मिक स्थलों के आसपास लगातार घूमते हैं या भीड़ के बीच संदिग्ध तरीके से गतिविधियां करते दिखाई देते हैं।
श्रद्धालु इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर महिलाओं को गले में भारी सोने की चेन या महंगे आभूषण पहनकर भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। पर्स और मोबाइल फोन को सुरक्षित रखना चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति के बेहद करीब आने पर सतर्क रहना चाहिए।
अगर किसी श्रद्धालु को चोरी या संदिग्ध गतिविधि का शक होता है तो उसे तत्काल मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों या स्थानीय पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
जतमई-घटारानी में बढ़ती भीड़ के बीच पुलिस के सामने चुनौती
सावन के दौरान जतमई और घटारानी सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में सिर्फ CCTV के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। महिला चोर गैंग के पकड़े जाने के बाद पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाना और यह जानना है कि छत्तीसगढ़ में इनके द्वारा और कितनी वारदातें की गई हैं।
फिलहाल सातों महिलाओं से पूछताछ के आधार पर पुलिस मामले की आगे की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस गैंग ने जतमई, घटारानी और राजिमधाम के अलावा प्रदेश के दूसरे धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया था या नहीं।



