Income Tax Return Filing 2026: ITR भरने से पहले जरूर चेक करें ये पूरी लिस्ट, एक छोटी गलती पड़ सकती है भारी….

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयकर विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के करदाताओं के लिए ITR फॉर्म जारी कर दिए हैं। ऐसे में यदि आप नौकरीपेशा, कारोबारी, प्रोफेशनल या निवेशक हैं, तो रिटर्न भरने से पहले कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां जांच लेना बेहद जरूरी है।

गलत जानकारी, अधूरी आय का खुलासा या गलत ITR फॉर्म चुनने जैसी गलतियां न सिर्फ आपका रिफंड रोक सकती हैं, बल्कि आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी आ सकता है।
सबसे पहले तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज
ITR फाइल करने से पहले सभी वित्तीय दस्तावेज एकत्र कर लें।
नौकरीपेशा लोगों के लिए
- Form 16
- सैलरी स्लिप
- बैंक स्टेटमेंट
- पीएफ और एनपीएस का विवरण
- टैक्स बचत निवेश की रसीदें
निवेशकों के लिए
- शेयर और म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट
- कैपिटल गेन रिपोर्ट
- डिविडेंड आय का विवरण
- बॉन्ड और एफडी ब्याज का रिकॉर्ड
होम लोन लेने वालों के लिए
- होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट
- प्रिंसिपल भुगतान का रिकॉर्ड
अन्य दस्तावेज
- PAN कार्ड
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- बीमा प्रीमियम की रसीदें
- किराया भुगतान संबंधी दस्तावेज (यदि लागू हो)
AIS और Form 26AS मिलाना क्यों जरूरी है?
रिटर्न भरने से पहले अपने:
- Annual Information Statement (AIS)
- Form 26AS
को अवश्य जांचें।
इनमें आपकी लगभग सभी वित्तीय गतिविधियां दर्ज होती हैं, जैसे:
- TDS कटौती
- बैंक ब्याज
- शेयर ट्रेडिंग
- म्यूचुअल फंड निवेश
- डिविडेंड आय
- उच्च मूल्य के लेन-देन
यदि AIS और आपकी जानकारी में अंतर है तो पहले उसे सुधारें, अन्यथा बाद में नोटिस आ सकता है।
सही ITR फॉर्म चुनना बेहद महत्वपूर्ण
गलत ITR फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न “Defective Return” माना जा सकता है।
ITR-1 (सहज)
उपयुक्त है:
- वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए
- पेंशनभोगियों के लिए
- 50 लाख रुपये तक की कुल आय वालों के लिए
- एक मकान से आय वाले करदाताओं के लिए
ITR-2
उपयुक्त है:
- कैपिटल गेन कमाने वालों के लिए
- एक से अधिक मकान रखने वालों के लिए
- HUF के लिए
ITR-3
उपयुक्त है:
- व्यवसाय या पेशे से आय अर्जित करने वालों के लिए
- ट्रेडर्स और प्रोफेशनल्स के लिए
ITR-4
उपयुक्त है:
- Presumptive Taxation Scheme चुनने वाले पात्र करदाताओं के लिए
इस बार ITR फॉर्म में क्या बदला है?
आयकर विभाग ने इस वर्ष कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
1. LTCG की विस्तृत जानकारी
अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) की अधिक विस्तृत रिपोर्टिंग करनी होगी।
2. शेयर बायबैक
शेयर बायबैक से हुए लाभ या नुकसान का अलग विवरण देना पड़ सकता है।
3. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग
- Futures & Options (F&O)
- Intraday Trading
से जुड़ी आय और हानि का विस्तृत खुलासा जरूरी होगा।
4. विदेशी आय और संपत्ति
कुछ श्रेणियों के करदाताओं को विदेशी आय एवं विदेशी संपत्तियों की अधिक विस्तृत जानकारी देनी होगी।
जल्दीबाजी में ITR भरना पड़ सकता है महंगा
कर विशेषज्ञों की सलाह है कि:
- Form 16 मिलने के बाद ही रिटर्न भरें।
- AIS पूरी तरह अपडेट होने दें।
- बैंक ब्याज और निवेश डेटा की पुष्टि करें।
जल्दबाजी में रिटर्न दाखिल करने से बाद में Revised Return भरना पड़ सकता है।
बैंक खाते की जानकारी जरूर जांचें
रिफंड सीधे बैंक खाते में आता है।
इसलिए जांच लें:
- बैंक खाता संख्या
- IFSC कोड
- मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
- PAN विवरण
- आधार लिंकिंग स्थिति
गलत जानकारी होने पर रिफंड अटक सकता है।
इन आम गलतियों से बचें
आय छिपाना
किसी भी स्रोत से हुई आय छिपाने की कोशिश न करें।
ब्याज आय भूल जाना
FD, RD और सेविंग अकाउंट का ब्याज भी आय में शामिल करें।
गलत टैक्स व्यवस्था चुनना
पुरानी (Old Tax Regime) और नई (New Tax Regime) व्यवस्था की तुलना करके विकल्प चुनें।
कैपिटल गेन की गलत गणना
शेयर और म्यूचुअल फंड से हुए लाभ-हानि का सही हिसाब लगाएं।
रिटर्न वेरिफाई न करना
ITR जमा करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन जरूर करें, अन्यथा रिटर्न अधूरा माना जाएगा।
ITR भरने की अंतिम तारीख
वित्त वर्ष 2025-26 (Assessment Year 2026-27) के लिए अधिकांश गैर-ऑडिट श्रेणी के व्यक्तिगत करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि:
📅 31 जुलाई 2026
है। हालांकि व्यवसाय, ऑडिट और विशेष मामलों में अंतिम तिथि अलग हो सकती है।
ITR फाइल करने से पहले अंतिम चेकलिस्ट
✅ Form 16 प्राप्त कर लिया है
✅ AIS और Form 26AS मिलान कर लिया है
✅ सही ITR फॉर्म चुना है
✅ सभी बैंक खातों की जानकारी अपडेट है
✅ ब्याज, डिविडेंड और कैपिटल गेन जोड़े हैं
✅ टैक्स बचत निवेश की जानकारी दर्ज की है
✅ PAN और आधार लिंक हैं
✅ ई-वेरिफिकेशन की तैयारी कर ली है
निष्कर्ष
ITR फाइल करना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय प्रोफाइल का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। थोड़ी सावधानी और सही जानकारी के साथ रिटर्न भरने से नोटिस, जुर्माना, रिफंड में देरी और अन्य परेशानियों से बचा जा सकता है। इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी दस्तावेजों और विवरणों की अच्छी तरह जांच जरूर करें।



