राजनीति
‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत,राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत…

- राहुल गांधी ने बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की—एक 16 दिनों (या 23 जिलों) तक चलने वाली रूट यात्रा, जो 1,300 किलोमीटर तय करेगी और 1 सितंबर, 2025 को पटना में आयोजित रैली पर खत्म होगी।
- इस यात्रा में INDIA ब्लॉक की अन्य पार्टियाँ, जैसे RJD के नेता लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव, भी शामिल हुए, जिससे विपक्ष में एकता का प्रदर्शन होता दिखा।
- एक सोशल मीडिया वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें राहुल गांधी Mallikarjun Kharge और लालू प्रसाद यादव को पानी का गिलास देते दिखाई दे रहे हैं, जिससे यात्रा का सहज और मानवीय पक्ष उजागर हुआ।

यात्रा का स्वरूप
- स्थान: बिहार से शुरुआत
- अवधि: कुल 16 दिन
- रूट: 23 जिलों से होकर गुज़रेगी
- कुल दूरी: लगभग 1,300 किलोमीटर
- समापन: 1 सितंबर 2025, पटना में एक बड़ी रैली के साथ
👉 इस यात्रा का उद्देश्य है –
- मतदाता अधिकारों की सुरक्षा
- वोट चोरी (Vote Chori) और SIR विवाद के खिलाफ जनजागरण
- निर्वाचन आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर जनता को जोड़ना
राजनीतिक महत्त्व
- यह यात्रा कांग्रेस की ओर से जनआंदोलन का रूप ले रही है।
- विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की एकजुटता का संदेश भी इसमें साफ दिखाई दिया।
विपक्षी दलों की भागीदारी
- RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव यात्रा के शुरुआती दिन राहुल गांधी के साथ मंच पर दिखे।
- Mallikarjun Kharge (कांग्रेस अध्यक्ष) भी मौजूद रहे।
- इससे संकेत गया कि यह सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष की साझा मुहिम है।
मानवीय पक्ष और प्रतीकात्मकता
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और लालू प्रसाद यादव के साथ बैठे नज़र आ रहे हैं।
- उसमें राहुल गांधी ने लालू यादव और खड़गे को खुद पानी का गिलास दिया।
- यह दृश्य जनता के बीच साधारणपन, साझेदारी और मानवीय जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
- इसे विपक्ष की “जनता के साथ खड़े रहने वाली राजनीति” की छवि गढ़ने की कोशिश माना जा रहा है।
विपक्ष की रणनीति
- इस यात्रा से विपक्ष, खासकर कांग्रेस, बिहार में अपनी जड़ें मज़बूत करना चाहता है।
- बिहार चुनाव और आगे चलकर लोकसभा 2029 को ध्यान में रखते हुए इसे राजनीतिक आधार तैयार करने वाली मुहिम माना जा रहा है।
- राहुल गांधी इसे एक “जनसंपर्क यात्रा + चुनावी संदेश अभियान” के रूप में पेश कर रहे हैं।
सारांश
👉 ‘वोटर अधिकार यात्रा’ कांग्रेस और विपक्ष के लिए सिर्फ वोट चोरी का विरोध भर नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और जनभावनाओं को साधने का अभियान है।
👉 इसमें विपक्षी एकता, जनता से जुड़ाव और लोकतंत्र बचाने का संदेश एक साथ बुना गया है।