डीजल संकट से परेशान किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली, खेती की तैयारियों पर मंडराया संकट….

बस्तर। खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले बीजापुर जिले में डीजल की कमी किसानों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। समय पर डीजल उपलब्ध नहीं होने से खेतों की जुताई और बुआई का कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसी समस्या के विरोध में सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया और प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा।
ट्रैक्टरों के साथ निकाली गई इस रैली में किसानों ने पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने, जिले में नई पेट्रोल पंप सुविधा शुरू करने तथा कृषि कार्यों के लिए जरूरी संसाधनों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों ने कहा कि खरीफ फसलों की तैयारी का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है और यदि डीजल की उपलब्धता में सुधार नहीं हुआ तो खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि जिले के पेट्रोल पंपों पर उनकी आवश्यकता के अनुसार डीजल नहीं दिया जा रहा है। कई किसानों को सीमित मात्रा में डीजल मिल रहा है, जबकि खेती के लिए ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों के संचालन हेतु अधिक मात्रा की जरूरत होती है। इससे खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
किसानों ने यह भी कहा कि डीजल के बढ़ते दामों ने पहले ही खेती की लागत को काफी बढ़ा दिया है। ऐसे में डीजल की कमी ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। अधिकांश किसानों ने ट्रैक्टर और कृषि उपकरण बैंक ऋण या कर्ज लेकर खरीदे हैं। यदि समय पर खेती नहीं हो पाई तो उन्हें फसल उत्पादन में नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक संकट और गहरा जाएगा।
ज्ञापन में किसानों ने खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान कृषि सामग्री की कमी नहीं होनी चाहिए, ताकि किसानों को समय पर खेती शुरू करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही डीजल संकट का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि मानसून के आगमन से पहले खेती की तैयारियां पूरी करना जरूरी है और इसके लिए डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

मानसून पूर्व डीजल संकट ने बीजापुर जिले में कृषि व्यवस्था और किसानों की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब किसानों की नजर प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है कि उनकी मांगों पर कितना जल्दी और प्रभावी निर्णय लिया जाता है।



