
रायपुर। कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर जारी किए गए पोस्टर के बाद कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सत्ता में होने के कारण भाजपा घमंड और मुगालते में है तथा जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
दरअसल, भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्टर जारी करते हुए तंज कसा था कि कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में “ढाई साल का झांसा देकर जनता को धोखा देना” सिखाया जाएगा। भाजपा के इस पोस्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर टिप्पणी करने से पहले अपने राजनीतिक आचरण पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्म और आस्था के नाम पर राजनीति करना भाजपा की कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाकर भावनात्मक विषयों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। विकास उपाध्याय ने यह भी कहा कि भाजपा सत्ता के अहंकार में विपक्ष और जनता की आवाज को नजरअंदाज कर रही है।

साय कैबिनेट की बैठक पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समय पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने में विफल साबित हो रही है। मानसून की शुरुआत के बावजूद किसानों की समस्याओं को लेकर कोई ठोस नीति या राहत पैकेज सामने नहीं आया है।
विकास उपाध्याय ने कहा कि किसानों को यूरिया खाद की उपलब्धता को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिखी। उनका आरोप है कि प्रदेश का आम नागरिक स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और सरकार की बैठकों से जनता को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट बैठकों में ऐसे निर्णय लिए जाने चाहिए जिनसे किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले, लेकिन अब तक ऐसा कोई बड़ा फैसला सामने नहीं आया है जो जनता को राहत देने वाला साबित हो।
‘काला दिवस’ को लेकर भी भाजपा पर हमला
25 जून को भाजपा द्वारा ‘काला दिवस’ मनाने की घोषणा पर भी विकास उपाध्याय ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में है, लेकिन देश के महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई पर चर्चा करने से बचती रही है।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार, किसानों को बेहतर समर्थन और आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस नेता का आरोप है कि भाजपा इन ज्वलंत विषयों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक कार्यक्रमों और प्रतीकात्मक अभियानों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करती है।
सियासी माहौल हुआ गर्म
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। एक ओर भाजपा कांग्रेस के पिछले शासनकाल और उसके वादों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा सरकार की नीतियों, फैसलों और कार्यशैली पर लगातार हमला बोल रही है। आने वाले दिनों में प्रशिक्षण शिविर और अन्य राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच प्रदेश की राजनीति और अधिक गर्माने की संभावना है।



