CG Weather Today : छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन बढ़ेगी बारिश, दक्षिण-मध्य इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट, रायपुर में छाए रहेंगे बादल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय होता नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। गुरुवार को रायपुर में दोपहर करीब 3 बजे के बाद अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। कुछ देर हुई बारिश से जहां शहर में मौसम सुहाना हुआ, वहीं लोगों को उमस और गर्मी से भी राहत मिली।

मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दो दिनों के दौरान दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश के वितरण और तीव्रता में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से लेकर अति भारी वर्षा भी हो सकती है। ऐसे में बस्तर संभाग सहित मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
प्रदेश में मौसमी उप-विभागीय वर्षा सामान्य के आसपास रही है, हालांकि इसमें करीब 6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग लगातार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
अगले दो दिन दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों में दक्षिण छत्तीसगढ़ और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है और भारी से अति भारी वर्षा भी होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के साथ कई जगहों पर तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 11 सितंबर को आसमान सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में दिन के दौरान कुछ बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
गुरुवार को दोपहर बाद हुई तेज बारिश के बाद राजधानी के तापमान में भी कुछ राहत महसूस की गई। हालांकि बादलों के बीच उमस बनी रह सकती है। शहर के कुछ हिस्सों में अचानक तेज बारिश होने की संभावना से स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।
गुरुवार को इन इलाकों में हुई बारिश
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर बारिश की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक रही।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पखांजूर में 5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सोनहत और मालखरौदा में 4-4 सेंटीमीटर वर्षा हुई।
वहीं बिहारपुर और सूरजपुर में 3-3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रघुनाथनगर, चांदो, बास्तानार, प्रेमनगर, बलरामपुर, बकावंड और दौरा कोचली में करीब 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
राजधानी रायपुर में भी करीब 1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
दुर्ग में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान
प्रदेश में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच तापमान में भी अलग-अलग स्थानों पर अंतर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में गुरुवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दुर्ग में 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इससे साफ है कि बारिश और बादलों के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के समय गर्मी और उमस बनी हुई है, जबकि रात के तापमान में अपेक्षाकृत गिरावट दर्ज की जा रही है।
इन जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी और गरियाबंद में वर्षा के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की जरूरत है।
बस्तर संभाग में ज्यादा असर की संभावना
अगले दो दिनों में दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना को देखते हुए बस्तर संभाग के कई जिलों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव जैसे इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
लगातार या तेज बारिश की स्थिति में ग्रामीण इलाकों में छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी होगा।
बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा
बारिश के दौरान सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली का होता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बिजली गिरने की संभावना जताई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, खेत, नदी-तालाब और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
अगर बारिश के दौरान व्यक्ति खुले स्थान पर हो तो सुरक्षित पक्की इमारत में जाना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
किसानों के लिए भी अहम है मौसम का पूर्वानुमान
प्रदेश में अगले दो दिनों में बारिश बढ़ने की संभावना किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है, वहां खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी होगा।
वहीं जिन क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रही है, वहां आगामी बारिश से किसानों को राहत मिल सकती है। हालांकि बहुत अधिक बारिश की स्थिति में फसलों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सावधानी बरतना जरूरी है।
मानसून की स्थिति में उतार-चढ़ाव जारी
छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो रही है, जबकि कई हिस्सों में अभी भी बारिश सामान्य से कम है। प्रदेश में मौसमी उप-विभागीय वर्षा में करीब 6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
आने वाले दो दिनों में दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में प्रदेश के बारिश के आंकड़ों में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर आज का मौसम
- रायपुर: बादल छाए रहने और कुछ बार बारिश/गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना।
- रायपुर तापमान: अधिकतम करीब 30°C, न्यूनतम करीब 25°C।
- दक्षिण छत्तीसगढ़: बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना।
- मध्य छत्तीसगढ़: अगले दो दिनों में बारिश में वृद्धि संभव।
- कुछ इलाके: भारी से अति भारी वर्षा की संभावना।
- बस्तर संभाग: बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
- अलर्ट वाले प्रमुख जिले: सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी और गरियाबंद।
- विशेष खतरा: आकाशीय बिजली और तेज बारिश।



