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छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बैचलर ऑफ साइंस इन एग्रीकल्चर की रिक्त सीटों को अब 12वीं परीक्षा परिणाम के आधार पर भरा जाएगा।

छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बी.एस.सी. (कृषि) यानी बैचलर ऑफ साइंस इन एग्रीकल्चर की रिक्त सीटों को अब 12वीं (हायर सेकंडरी) परीक्षा परिणाम के आधार पर भरा जाएगा। यह निर्णय विशेष रूप से उन छात्रों के लिए राहत की खबर है जो प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (PAT) या अन्य प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाए या मेरिट में नहीं आ सके।


📝 निर्णय का मुख्य बिंदु:

🔹 रिक्त सीटों की स्थिति:

  • राज्य के कृषि महाविद्यालयों में बीएससी (कृषि) के लिए कई सीटें रिक्त रह गई हैं
  • इसके पीछे कारण है – प्रवेश परीक्षाओं के बाद भी छात्रों की पर्याप्त संख्या न पहुँचना या कुछ छात्रों का अन्य पाठ्यक्रमों में चले जाना।

🔹 12वीं परिणाम के आधार पर प्रवेश:

  • अब शेष सीटों को भरे जाने के लिए 12वीं (बायोलॉजी/एग्रीकल्चर/साइंस स्ट्रीम) के अंकों को आधार बनाया जाएगा।
  • खासतौर पर भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान / कृषि विषयों के अंकों को ध्यान में रखा जाएगा।

🔹 पात्रता मानदंड:

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना आवश्यक है।
  • न्यूनतम निर्धारित अंक (जैसे 50% सामान्य वर्ग के लिए, आरक्षित वर्ग को छूट) अनिवार्य हो सकते हैं।

🔹 आवेदन प्रक्रिया:

  • छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके लिए विभाग की वेबसाइट पर पोर्टल खोला जाएगा।
  • मेरिट सूची 12वीं के अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।
  • दस्तावेज सत्यापन और काउंसलिंग के बाद प्रवेश मिलेगा।

🔹 किन्हें मिलेगा लाभ:

  • जिन छात्रों ने PAT परीक्षा नहीं दी या अनुत्तीर्ण हुए
  • जिनका नाम मेरिट में नहीं आया और अब वे 12वीं अंकों के आधार पर मौका चाहते हैं।

🎓 क्यों लिया गया यह फैसला?

  • शिक्षा विभाग और कृषि विश्वविद्यालयों का कहना है कि:
    • गुणवत्तापूर्ण छात्रों को मौका देना जरूरी है।
    • रिक्त सीटें भविष्य में शिक्षा संसाधनों की बर्बादी होती हैं।
    • छात्रों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा का अवसर मिल सके इसलिए यह लचीलापन जरूरी था।

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