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छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव 2026: 5 नगर पंचायतों में भाजपा का दबदबा, कांग्रेस ने भी दिखाई ताकत….

छत्तीसगढ़ में 1 जून 2026 को हुए नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनावों के परिणाम 4 जून को घोषित कर दिए गए। चुनावी नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पांच नगर पंचायत अध्यक्ष पदों में से तीन पर जीत हासिल कर बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस ने दो नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

इस चुनाव में नवगठित नगर पंचायतों और रिक्त पदों पर हुए चुनावों को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और मतदान प्रतिशत भी काफी अच्छा रहा।

नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव के प्रमुख परिणाम

सहसपुर लोहारा: भाजपा की सरिता मिश्रा की बड़ी जीत

कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में केवल अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था। भाजपा प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 754 मतों के बड़े अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। यह भाजपा की सबसे प्रभावशाली जीतों में से एक रही।

घुमका: कांग्रेस ने फहराया झंडा

राजनांदगांव जिले की नवगठित घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा ने 85 मतों से जीत दर्ज की। हालांकि वार्ड चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा।

वार्ड स्थिति:

  • भाजपा – 11 वार्ड
  • कांग्रेस – 3 वार्ड
  • निर्दलीय – 1 वार्ड

अध्यक्ष कांग्रेस का बनने के बावजूद परिषद में भाजपा की मजबूत उपस्थिति राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बम्हनीडीह: भाजपा का एकतरफा प्रदर्शन

जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी रमेश डडसेना ने अध्यक्ष पद जीता।

वार्ड परिणाम:

  • भाजपा – 11 वार्ड
  • कांग्रेस – 3 वार्ड
  • निर्दलीय – 1 वार्ड

यहां अध्यक्ष और परिषद दोनों स्तर पर भाजपा का दबदबा देखने को मिला।

शिवानंदनपुर: अध्यक्ष भाजपा का, परिषद में कांग्रेस आगे

सूरजपुर जिले की शिवानंदनपुर नगर पंचायत में भाजपा के रितेश जायसवाल अध्यक्ष चुने गए।

वार्ड परिणाम:

  • कांग्रेस – 8 वार्ड
  • भाजपा – 7 वार्ड

यह परिणाम दिलचस्प रहा क्योंकि अध्यक्ष पद भाजपा के खाते में गया, लेकिन वार्डों में कांग्रेस को मामूली बढ़त मिली।

पलारी: कांग्रेस की मजबूत वापसी

बालोद जिले की नवगठित पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

वार्ड परिणाम:

  • कांग्रेस – 9 वार्ड
  • भाजपा – 5 वार्ड
  • 1 वार्ड में बराबर मत

एक वार्ड में दोनों उम्मीदवारों को समान मत मिलने के कारण विजेता का फैसला टॉस के जरिए किया जाएगा।


उपचुनावों में किसे मिली सफलता?

जगदलपुर नगर निगम

वार्ड क्रमांक-1 (इंदिरा वार्ड) में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी विजयी रहे। यह सीट पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद रिक्त हुई थी।

बिलासपुर नगर निगम

वार्ड क्रमांक-29 संजय गांधी नगर (तारबाहर) में कांग्रेस के शेख आज़म ने भाजपा प्रत्याशी वी. मधुसूदन राव को हराकर जीत दर्ज की।

जशपुर नगर पालिका

भाजपा ने दोनों रिक्त वार्डों पर कब्जा किया।

  • वार्ड 8 – प्रेमलता साहू (भाजपा)
  • वार्ड 14 – प्रिया सिंह (भाजपा)

कांकेर जिले में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की जीत

  • चारामा नगर पंचायत वार्ड 13 – मोहित नायक
  • पखांजूर नगर पंचायत वार्ड 9 – रूखमणी वट्टी

दोनों स्थानों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया।


पंचायत चुनावों में भी हुए महत्वपूर्ण मुकाबले

नगरीय निकायों के साथ-साथ पंचायत क्षेत्रों में भी चुनाव कराए गए थे। इनमें:

  • 10 जनपद पंचायत सदस्य
  • 34 सरपंच
  • 107 पंच

पदों के लिए मतदान हुआ। कई ग्रामीण क्षेत्रों में मुकाबला बेहद रोचक रहा। स्थानीय विकास, सड़क, पानी, शिक्षा और पंचायत नेतृत्व जैसे मुद्दे चुनावी केंद्र में रहे।


मतदान प्रतिशत ने खींचा ध्यान

मतदाताओं ने चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

नगरीय निकाय चुनाव

  • कुल मतदाता: 31,928
  • मतदान करने वाले: 27,006
  • मतदान प्रतिशत: 84.58%

पंचायत चुनाव

  • कुल मतदाता: 1,02,797
  • मतदान करने वाले: 79,968
  • मतदान प्रतिशत: 78.61%

मतदान के लिए:

  • 96 मतदान केंद्र नगरीय निकाय क्षेत्रों में
  • 274 मतदान केंद्र पंचायत क्षेत्रों में

स्थापित किए गए थे।


राजनीतिक संदेश क्या है?

इन परिणामों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला अभी भी काफी कड़ा बना हुआ है। अध्यक्ष पदों पर भाजपा ने बढ़त बनाई है, लेकिन कई जगह वार्ड स्तर पर कांग्रेस ने मजबूत प्रदर्शन किया है।

विशेष रूप से घुमका, शिवानंदनपुर और पलारी जैसे नवगठित नगर पंचायतों के नतीजे आने वाले समय में स्थानीय राजनीति की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं। भाजपा को जहां संगठनात्मक मजबूती का लाभ मिला, वहीं कांग्रेस ने कई क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाए रखने का संकेत दिया है।

कुल मिलाकर, 2026 के इन निकाय और पंचायत चुनावों ने यह दिखाया है कि छत्तीसगढ़ की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बराबरी की बनी हुई है, और आगामी चुनावों के लिए यह परिणाम महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दे रहे हैं।

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