छत्तीसगढ़ में आषाढ़ में ही सावन जैसी बारिश, अगले दो दिन भारी वर्षा के आसार; कई जिलों में अलर्ट…

छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पिछले एक सप्ताह से प्रदेशभर में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में बुधवार को आषाढ़ महीने में ही सावन जैसी झमाझम बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बना मजबूत मौसम तंत्र (सिस्टम) अभी सक्रिय है, जिसके कारण अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

एक सप्ताह से सक्रिय है मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जुलाई महीने में बना यह दूसरा मजबूत सिस्टम है, जिसका असर पूरे छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है। बस्तर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों को छोड़कर अधिकांश जिलों में लगातार अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।
लगातार हो रही बारिश से नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है। कई जगहों पर खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आ रही है।
आज इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। जिन जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, उनमें शामिल हैं—
- कोरबा
- बलरामपुर
- सूरजपुर
- कोरिया
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
- कबीरधाम
- मुंगेली
- बिलासपुर
- जांजगीर-चांपा
- रायगढ़
- जशपुर
इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
बीते 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
- सूरजपुर – 190 मिमी
- अंबिकापुर – 100 मिमी
- रायपुर – 80 मिमी
- रायगढ़ – 70 मिमी
- डोंगरगढ़ – 70 मिमी
- बलौदाबाजार – 70 मिमी
- राजनांदगांव – 70 मिमी
- माना (रायपुर) – 70 मिमी
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मानसून ने जोर पकड़ लिया है।
सारंगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक सबसे अधिक वर्षा सारंगढ़ जिले में दर्ज की गई है।
प्रमुख जिलों में अब तक हुई बारिश इस प्रकार है—
- सारंगढ़ – 613 मिमी (सामान्य से 373% अधिक)
- जांजगीर-चांपा – 574 मिमी (सामान्य से अधिक)
- मुंगेली – 525 मिमी (सामान्य से अधिक)
- बिलासपुर – 492 मिमी (सामान्य से अधिक)
- रायपुर – 150 मिमी (सामान्य के आसपास)
इन जिलों में लगातार हो रही बारिश से जल स्रोतों में पर्याप्त पानी पहुंच रहा है और खेती-किसानी के लिए स्थिति अनुकूल होती जा रही है।
प्रदेश में औसत बारिश अभी भी सामान्य से कम
हालांकि कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन पूरे प्रदेश का औसत अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है।
- अब तक प्रदेश में 381 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।
- यह सामान्य वर्षा की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत कम है।
यानी कुछ जिलों में अत्यधिक बारिश होने के बावजूद पूरे राज्य का औसत अभी सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।
इन 11 जिलों में अब भी बारिश की कमी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 11 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें प्रमुख जिले हैं—
- कांकेर – 257 मिमी (लगभग 50% कम)
- सरगुजा – 249.9 मिमी (लगभग 49% कम)
- कोंडागांव – 279 मिमी
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी – 265 मिमी
इन जिलों में आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने पर ही वर्षा का घाटा कम हो सकेगा।
किसानों के लिए राहत, प्रशासन सतर्क
लगातार हो रही बारिश से धान की बुवाई कर रहे किसानों को राहत मिली है। जलाशयों और सिंचाई परियोजनाओं में भी पानी की आवक बढ़ी है। दूसरी ओर प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से अगले 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी और कुछ स्थानों पर अति-भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम के कमजोर पड़ने पर बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन प्रदेश में मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी।



