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NSE IPO Listing Today: शेयर बाजार में NSE की धमाकेदार एंट्री, ₹1,800 पर हुई लिस्टिंग; IPO निवेशकों को मिला इतना फायदा

Business Desk: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE (National Stock Exchange) के शेयरों ने आखिरकार शेयर बाजार में एंट्री कर ली है। NSE के शेयर आज BSE पर ₹1,800 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए। IPO में शेयर ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर जारी किए गए थे। इस तरह IPO निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही ₹15 प्रति शेयर का फायदा हुआ।

यह IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 0.84 फीसदी के लिस्टिंग गेन के साथ खुला। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयरों में खरीदारी बढ़ी और NSE का शेयर बढ़कर ₹1,827.95 के स्तर तक पहुंच गया। इस भाव पर IPO निवेशकों का मुनाफा बढ़कर करीब 2.41 फीसदी हो गया।

NSE के कर्मचारियों को IPO में प्रति शेयर ₹108 का डिस्काउंट दिया गया था। ऐसे में उनके लिए इश्यू प्राइस कम होने के कारण लिस्टिंग के बाद रिटर्न सामान्य IPO निवेशकों की तुलना में अलग रहा।

₹22,562 करोड़ का था NSE IPO

NSE का IPO 17 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस इश्यू का कुल आकार करीब ₹22,562 करोड़ था। निवेशकों की ओर से IPO को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और यह कुल मिलाकर 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कैटेगरी के हिसाब से देखें तो QIB (Qualified Institutional Buyers) का हिस्सा 12.68 गुना, NII (Non-Institutional Investors) का हिस्सा 6.55 गुना, रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना और कर्मचारियों का हिस्सा 2.40 गुना सब्सक्राइब हुआ।

इससे पता चलता है कि IPO में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी खास तौर पर मजबूत रही।

IPO में नहीं आया कोई नया शेयर

NSE का IPO पूरी तरह Offer for Sale यानी OFS था। इसका मतलब है कि कंपनी ने अपने नए शेयर जारी नहीं किए, बल्कि मौजूदा शेयरहोल्डर्स ने अपने शेयर बिक्री के लिए पेश किए।

IPO के तहत ₹1 फेस वैल्यू वाले कुल 12,64,36,650 शेयर ऑफर किए गए। चूंकि यह OFS था, इसलिए IPO से मिलने वाली रकम NSE के पास नहीं गई, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरहोल्डर्स को मिली।

NSE क्या करता है?

National Stock Exchange की शुरुआत 1992 में हुई थी। यह भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और दुनिया के प्रमुख मल्टी-एसेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म में शामिल है।

NSE के प्लेटफॉर्म पर इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड समेत कई एसेट क्लास में कारोबार होता है।

इसके अलावा एक्सचेंज की सेवाओं में क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा और इंडेक्स सर्विसेज भी शामिल हैं।

NSE से जुड़े हैं 26 करोड़ से ज्यादा निवेशक

जून 2026 तक NSE पर 26.13 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड निवेशक थे। इनमें करीब 12.9 करोड़ यूनिक इन्वेस्टर्स शामिल थे। इसी अवधि में NSE के पास 1,328 ट्रेडिंग मेंबर्स थे।

जून 2026 तक एक्सचेंज पर कुल 3,005 कंपनियां लिस्टेड थीं। इन कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹474 लाख करोड़ था।

कैश मार्केट में NSE की हिस्सेदारी 99.79%

मार्च 2026 के अंत तक कैश मार्केट टर्नओवर में NSE की हिस्सेदारी 99.79 फीसदी थी। इक्विटी फ्यूचर्स में यह हिस्सेदारी 74.71 फीसदी, इक्विटी ऑप्शंस में 99.48 फीसदी और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100 फीसदी रही।

इन आंकड़ों से भारतीय इक्विटी और डेरिवेटिव्स बाजार में NSE की बड़ी कारोबारी हिस्सेदारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

NSE Clearing का भी मजबूत कारोबार

NSE की सहायक कंपनी NSE Clearing Limited भी एक्सचेंज के कारोबार में अहम भूमिका निभाती है। वित्त वर्ष 2026 में कैश मार्केट में NSE Clearing की हिस्सेदारी 88.42 फीसदी रही।

इसी अवधि में इक्विटी डेरिवेटिव्स में इसकी हिस्सेदारी 91.04 फीसदी, जबकि एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव्स में 74.09 फीसदी रही।

तीन साल में NSE का मुनाफा बढ़कर ₹10,302 करोड़

NSE के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 11 फीसदी से ज्यादा CAGR की दर से बढ़कर ₹10,302.06 करोड़ हो गया।

कंपनी की कुल आय वित्त वर्ष 2024 में ₹16,352.06 करोड़, वित्त वर्ष 2025 में ₹19,176.83 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹18,713.37 करोड़ रही।

यानी वित्त वर्ष 2025 में आय बढ़ने के बाद वित्त वर्ष 2026 में इसमें कुछ कमी दर्ज हुई, जबकि मुनाफे में वृद्धि का सिलसिला बना रहा।

जून तिमाही में ₹3,120 करोड़ का मुनाफा

चालू वित्त वर्ष 2027 की जून 2026 तिमाही में NSE ने ₹3,120.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। इस अवधि में कंपनी की कुल आय ₹5,252.17 करोड़ रही।

जून 2026 तिमाही के अंत में NSE के रिजर्व और सरप्लस ₹34,996.73 करोड़ थे।

NSE IPO Listing: निवेशकों के लिए क्या रहा?

NSE के शेयरों की ₹1,800 पर लिस्टिंग हुई, जबकि इश्यू प्राइस ₹1,785 था। यानी शुरुआती लिस्टिंग गेन सीमित रहा। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर ₹1,827.95 तक पहुंचा, जिससे इंट्रा-डे आधार पर IPO निवेशकों का लाभ बढ़ा।

ध्यान रखें कि लिस्टिंग के बाद शेयर का भाव लगातार बदलता रहता है। इसलिए ऊपर दिए गए लाभ के आंकड़े संबंधित कीमत के आधार पर हैं और बाद के कारोबार में बदल सकते हैं।

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