छत्तीसगढ़

CG Patwari Protest: पटवारियों को हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील, डिप्टी CM अरुण साव बोले- सरकार मांगों पर करेगी विचार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पीवी (PV) ऐप के विरोध में पटवारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जारी है। प्रदेशभर के पटवारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसके चलते राजस्व से जुड़े कई काम प्रभावित हो रहे हैं और आम लोगों, किसानों तथा जमीन संबंधी कार्यों के लिए सरकारी कार्यालय पहुंचने वाले नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आंदोलनरत पटवारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन कर्मचारियों को भी जनहित और अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति और संगठन को अपनी बात रखने तथा मांगों के समर्थन में आंदोलन करने का अधिकार है। कर्मचारी भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने रख सकते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति जनता की सेवा के लिए की जाती है। इसलिए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय आम नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने पटवारियों से आग्रह किया कि वे आंदोलन समाप्त कर अपने काम पर वापस लौटें, ताकि आम जनता को राजस्व संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साव ने भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।

किसानों की बर्बाद फसलों का होगा सर्वे, मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार ने शुरू की प्रक्रिया

चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से प्रदेश के कुछ इलाकों में फसलों को हुए नुकसान के बीच उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किसानों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से सर्वे कराए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उनके नुकसान का आकलन किया जाएगा।

डिप्टी सीएम के मुताबिक, जिन किसानों ने निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत फसल नुकसान की जानकारी दी है, उनका सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस दिशा में कार्रवाई की जा रही है। सरकार किसानों को हुए नुकसान के मामले को गंभीरता से ले रही है।

उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का सही आकलन करना जरूरी है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि किन क्षेत्रों में कितनी फसल प्रभावित हुई है और किसानों को किस स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा है।

दरअसल, मौसम की मार से किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की आशंका के बीच फसल नुकसान का मुद्दा काफी महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में सरकार की ओर से सर्वे कराने की घोषणा को प्रभावित किसानों के लिए अहम माना जा रहा है।

कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है, जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं: अरुण साव

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी अब मुद्दाविहीन हो चुकी है और उसे आम जनता की वास्तविक समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं रह गया है।

साव ने कहा कि कांग्रेस का एजेंडा देश में अराजकता और अस्थिरता का माहौल पैदा करना बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल आंदोलन कर रहे हैं, उनका आम जनता के हितों और रोजमर्रा की समस्याओं से कोई सीधा संबंध नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रति जनता में आक्रोश है। जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका परिणाम भी दिखाई देगा। उन्होंने कांग्रेस के आंदोलन की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

राज्योत्सव के बीच दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर हमला

छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य में राज्योत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस के दिल्ली में प्रदर्शन करने के फैसले पर उपमुख्यमंत्री साव ने सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण आयोजन हो रहे हैं, तब कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता यहां मौजूद रहने के बजाय दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस पार्टी का प्रदेश के विकास, जनहित और राज्य के गौरव से कोई सरोकार नहीं है।

साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अनावश्यक मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है, जबकि प्रदेश की जनता विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख और समझ रही है तथा समय आने पर इसका जवाब भी देगी।

राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को लेकर सियासत तेज

राज्योत्सव 2026 को लेकर एक और राजनीतिक विवाद सामने आया है। कांग्रेस ने राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा है। इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार किया।

उन्होंने सवाल उठाया कि राज्योत्सव जैसे प्रदेश के गौरव से जुड़े आयोजन को छोड़कर दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेस के नेता किस मुंह से छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान की बात कर रहे हैं? साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ महतारी और छत्तीसगढ़ियावाद के नाम पर प्रदेश का अपमान किया है और प्रदेश को लूटने का काम किया है।

उन्होंने कांग्रेस पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के मान-सम्मान और गौरव के मुद्दे पर कांग्रेस का रवैया प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति सरकार के मन में सम्मान और श्रद्धा का भाव है। इसके लिए कांग्रेस से किसी तरह का प्रमाण लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अस्मिता, संस्कृति और गौरव के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पटवारी आंदोलन से लेकर राज्योत्सव तक, कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

उपमुख्यमंत्री अरुण साव के इस बयान में एक तरफ आंदोलनरत पटवारियों से काम पर लौटने की अपील की गई, वहीं दूसरी तरफ किसानों की फसल क्षति का सर्वे कराने का भरोसा भी दिया गया। इसके अलावा कांग्रेस के दिल्ली प्रदर्शन और राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को लेकर उठाए गए सवालों पर भी उन्होंने विपक्ष को घेरा।

फिलहाल प्रदेश में पीवी ऐप के विरोध में पटवारियों की हड़ताल जारी है। ऐसे में सरकार और पटवारी संगठन के बीच आगे क्या बातचीत होती है तथा आंदोलन कब समाप्त होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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