
डोंगरगढ़ में नौकरी का झांसा देकर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला से लाखों रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
📍 क्या है पूरा मामला?
ग्राम अछोली निवासी 33 वर्षीय महिला ललिता सिंह ने थाना डोंगरगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, नवंबर 2025 में आरोपी आशीष पुर्ती और उसके साथी काली राम पार्कर (जिला दुर्ग निवासी) ने उसे एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में काउंसलर पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
इसके बदले आरोपियों ने कुल 4 लाख रुपये की मांग की और एडवांस के तौर पर 2 लाख रुपये ले लिए।

💰 पैसे लेने के बाद किया टालमटोल
पीड़िता के अनुसार, रकम लेने के बाद आरोपियों ने न तो नौकरी दिलाई और न ही पैसे वापस किए। काफी समय तक बहानेबाजी करने के बाद जब महिला को ठगी का एहसास हुआ, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
🚨 पुलिस की कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए डोंगरगढ़ पुलिस ने जांच शुरू की और मुख्य आरोपी:
- आशीष पुर्ती (43 वर्ष)
- निवासी – वार्ड क्रमांक 04, अंश होटल के पीछे, डोंगरगढ़
को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे 14 अप्रैल 2026 को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
⚠️ बढ़ते ठगी के मामले
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठग किस तरह लोगों को निशाना बना रहे हैं, खासकर सरकारी नौकरी के नाम पर।
👮 पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि:
- किसी भी अनजान व्यक्ति को नौकरी के नाम पर पैसे न दें
- बिना जांच-पड़ताल के किसी पर भरोसा न करें
- संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें
👉 निष्कर्ष
नौकरी का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह लगातार सक्रिय हैं। ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है, वरना ‘सरकारी नौकरी’ का सपना भारी नुकसान में बदल सकता है।



