बारिश के बाद जलभराव पर विपक्ष के आरोपों का डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिया जवाब, कहा- किसानों को राहत मिली, कांग्रेस को यह भी स्वीकार नहीं…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश और कई शहरों में जलभराव की स्थिति को लेकर कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों का उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अच्छी बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन कांग्रेस इसे भी सकारात्मक रूप में नहीं देख पा रही है।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर जलभराव होना स्वाभाविक है और प्रशासन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
“जलभराव की स्थिति जल्द होगी सामान्य”
मीडिया से बातचीत में अरुण साव ने कहा कि लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में पानी जमा हुआ है, लेकिन प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ राहत कार्यों में जुटा है।

उन्होंने कहा कि—
- जहां जलभराव की समस्या है, वहां प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
- पानी निकासी और राहत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
- स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि अच्छी बारिश से किसानों की फसलों को लाभ मिलेगा और प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए यह राहत की बात है।
चिंतन शिविर को बताया सरकार के लिए उपयोगी
उप मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित राज्य सरकार के चिंतन शिविर को नीति निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि शिविर में—
- विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ,
- भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी,
- नीति आयोग के प्रतिनिधि,
- समाज के विभिन्न वर्गों के विशेषज्ञ
शामिल हुए और उन्होंने शासन-प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
अरुण साव के अनुसार इस मंथन से सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
प्राकृतिक खेती और पर्यटन पर विशेष चर्चा
उन्होंने बताया कि चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक प्राकृतिक खेती पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस दौरान जिन विषयों पर मंथन हुआ, उनमें शामिल हैं—
- कम लागत वाली खेती,
- रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव,
- प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा,
- पर्यटन विकास,
- राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की भूमिका,
- रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों ने भी अपनी जिज्ञासाएं रखीं और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया, जिसका लाभ भविष्य में प्रदेश को मिलेगा।
कांग्रेस की आलोचना पर साधा निशाना
चिंतन शिविर को लेकर कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार में व्यस्त रही और अब विपक्ष में बैठकर केवल आलोचना कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जनहित और राष्ट्रहित के मुद्दों पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल राजनीतिक आरोप लगाने में लगी हुई है।
जल जीवन मिशन के ठेकेदारों की हड़ताल पर क्या बोले?
जल जीवन मिशन के भुगतान में देरी को लेकर ठेकेदारों की एक दिवसीय हड़ताल के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।
उन्होंने बताया कि—
- राज्य सरकार ने राज्य मद से भी राशि जारी कर भुगतान किया है।
- भारत सरकार की नई व्यवस्था के तहत भी भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
- जिन ठेकेदारों ने अपना कार्य पूरा कर लिया है, उनके भुगतान में तेजी लाई जा रही है।
- बड़ी संख्या में भुगतान पहले ही किए जा चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज को लेकर भूपेश बघेल पर सवाल
नए मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उठाए गए सवालों पर अरुण साव ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल को पहले यह बताना चाहिए कि उनके पांच वर्ष के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण पूरा क्यों नहीं हो सका।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वर्ष 2021 में शिलान्यास हुआ था तो निर्माण कार्य समय पर पूरा क्यों नहीं कराया गया।
वीबी जीरामजी योजना पर कांग्रेस से पूछा सवाल
वीबी जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस के विरोध पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले यह स्पष्ट करे कि वह इस योजना के पक्ष में है या विरोध में।
उन्होंने कहा कि यह योजना—
- मजदूरों के हित में है,
- रोजगार के अवसर बढ़ाने वाली है,
- पंचायतों को मजबूत करने का माध्यम है।
उनके अनुसार कांग्रेस पहले इस योजना का विरोध करती रही और अब उस पर सवाल उठा रही है।
मानसून सत्र को लेकर सरकार तैयार
विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ सदन में जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर काम कर रही है और विपक्ष द्वारा पूछे जाने वाले हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
प्रदेश में लगातार बारिश, जलभराव, विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी योजनाओं और प्रशासनिक तैयारियों का बचाव कर रही है। आगामी विधानसभा मानसून सत्र में इन मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।



