छत्तीसगढ़

एनालॉग पनीर के बाद दूध, दही और मक्खन पर भी सख्ती, स्वास्थ्य मंत्री की दो टूक- मिलावटखोरों को नहीं छोड़ेंगे…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा है कि दूध, दही, मक्खन या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार केवल एनालॉग पनीर के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली हर तरह की मिलावट पर नजर रखी जा रही है।

मंत्री ने कहा कि खाद्य विभाग अलर्ट मोड पर है और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने मिलावटखोरों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई गलत तरीके से काम करेगा तो विभाग भी उसी सख्ती से कार्रवाई करेगा।

500 किलो पनीर जब्ती मामले पर क्या बोले मंत्री?

स्वास्थ्य मंत्री से रायपुर रेलवे स्टेशन पर करीब 500 किलो पनीर जब्त किए जाने के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि रेलवे परिसर से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर विभाग को कुछ व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं, क्योंकि रेलवे परिसर में होने वाली घटना में रेलवे की भूमिका भी होती है।

हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि खाद्य सुरक्षा विभाग पीछे हटेगा। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है और आगे भी मिलावट के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

मंत्री ने सख्त अंदाज में कहा कि मिलावटखोर अगर चालाकी से काम करेंगे तो विभाग भी उन्हें पकड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

दूध, दही और मक्खन में मिलावट पर भी नजर

एनालॉग पनीर को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच अब दूध से बने दूसरे उत्पाद भी जांच के दायरे में हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने दूध, दही और मक्खन में मिलावट करने वालों को भी चेतावनी दी है।

दरअसल, दूध और उससे बने उत्पाद रोजमर्रा के खान-पान का अहम हिस्सा हैं। इनमें मिलावट सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि सरकार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी शुद्धता को लेकर सख्ती बरतने की बात कह रही है।

मंत्री ने संकेत दिया कि कार्रवाई सिर्फ किसी एक उत्पाद तक सीमित नहीं रहेगी। खाने-पीने की सभी वस्तुओं में मिलावट की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड पर भी बोले स्वास्थ्य मंत्री

मीडिया से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज के छात्रों के प्रदर्शन पर भी सवाल किया गया।

इस पर श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है और प्रदर्शन करना भी छात्रों का अधिकार है।

मंत्री के मुताबिक, इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से भी बातचीत हुई है। सरकार इस मामले पर विचार कर रही है। ऐसे में मेडिकल छात्रों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर आने वाले दिनों में सरकार की ओर से कोई निर्णय सामने आ सकता है।

2028 चुनाव को लेकर कांग्रेस के दावे पर तंज

वहीं, 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावे को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के एक पॉकेट में पेट्रोल और दूसरे में माचिस है।

उन्होंने पंजाब में कांग्रेस के नेताओं के बीच चल रही कथित खींचतान का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस कभी एकजुट होकर काम नहीं कर सकती। उनके मुताबिक कांग्रेस केवल योजनाएं या प्लान बनाती है, लेकिन उसे जमीन पर उतारने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती।

मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपने मन को तसल्ली देने के लिए इस तरह के दावे करती रहती है। उनके बयान को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच शुरू हो रही राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर देखा जा रहा है।

रायपुर कमिश्नरेट के विस्तार पर भी दिया जवाब

मीडिया ने स्वास्थ्य मंत्री से रायपुर कमिश्नरेट के विस्तार को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लिखे गए पत्र के बारे में भी सवाल किया।

इस पर श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल वरिष्ठ नेता और सांसद हैं। उन्होंने सुरक्षा संबंधी विषय को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। मंत्री ने उनके पत्र को जनप्रतिनिधि के तौर पर उठाई गई चिंता बताया।

कांग्रेस के बयान पर मंत्री का पलटवार

बृजमोहन अग्रवाल के पत्र को लेकर कांग्रेस की ओर से की गई टिप्पणी पर स्वास्थ्य मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।

मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को बृजमोहन अग्रवाल से सीखना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह अपने क्षेत्र और जनता से जुड़े मुद्दों को ईमानदारी से उठाए।

इस तरह स्वास्थ्य मंत्री की मीडिया से चर्चा में खाद्य पदार्थों में मिलावट, 500 किलो पनीर जब्ती, मेडिकल छात्रों का स्टाइपेंड, 2028 का चुनाव और रायपुर कमिश्नरेट के विस्तार जैसे कई अहम मुद्दे सामने आए। इनमें सबसे ज्यादा जोर मिलावटखोरी के खिलाफ सरकार की सख्ती पर रहा। मंत्री ने साफ कर दिया कि कार्रवाई केवल एनालॉग पनीर तक सीमित नहीं होगी, बल्कि दूध, दही, मक्खन समेत अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पर भी विभाग की नजर रहेगी।

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