रायपुर: जल जीवन मिशन में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 8 गांवों के टेंडर निरस्त

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। काम में देरी और प्रगति न होने पर 8 ग्रामों के टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं।
जिला जल-स्वच्छता मिशन की बैठक में कार्यपालन अभियंता ने बताया कि कई ग्रामों में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्य निर्माण एजेंसियों ने बीच में ही बंद कर दिए थे। बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद एजेंसियों ने काम पूरा करने में रुचि नहीं दिखाई। पेयजल जैसी जरूरी सेवा प्रभावित होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
दोबारा टेंडर होगा आमंत्रित
जिन ग्रामों की निविदाएं निरस्त की गई हैं उनमें आरंग ब्लॉक के गोढ़ी, राटाकाट और मालीडीह, अभनपुर ब्लॉक के हसदा और टीला, धरसींवा ब्लॉक के सारागांव और तर्रा तथा तिल्दा ब्लॉक का छपोरा गांव शामिल है। इन सभी जगहों पर अब दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी ताकि काम जल्द पूरा हो सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उन्हें आगे जल जीवन मिशन की किसी भी निविदा में भाग लेने का मौका नहीं मिलेगा। जिले में लापरवाह एजेंसियों पर इस स्तर की कार्रवाई पहली बार हुई है, जिससे अन्य एजेंसियों को भी समय पर काम पूरा करने का संदेश मिला है।

किसके निर्देश पर कार्रवाई
- डॉ. गौरव सिंह (कलेक्टर एवं जिला जल-स्वच्छता मिशन अध्यक्ष) के निर्देश
- समीक्षा में सामने आई गंभीर लापरवाही और कार्य बंद होने की स्थिति
क्या कार्रवाई हुई
- 8 गांवों के टेंडर तत्काल प्रभाव से निरस्त
- संबंधित निर्माण एजेंसियों के अनुबंध समाप्त
- एजेंसियों की EMD (जमा राशि) राजसात करने के आदेश
- भविष्य में इन एजेंसियों को दोबारा मौका नहीं
कार्रवाई की वजह
- निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करना
- कई स्थानों पर काम पूरी तरह बंद
- ग्रामीणों को पेयजल सुविधा से वंचित होना
प्रशासन का संदेश
- जनहित योजनाओं में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
- समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण कार्य करना अनिवार्य
- दोषी एजेंसियों पर कड़ी आर्थिक और प्रशासनिक कार्रवाई



