72nd National Film Awards: पहली बार बदला आयोजन स्थल, दिल्ली से बाहर गुजरात के केवड़िया में होगा समारोह

Entertainment Desk। भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों में शामिल नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को लेकर इस साल एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का भव्य समारोह इस बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नहीं, बल्कि गुजरात के केवड़िया में आयोजित किया जाएगा। समारोह का आयोजन 22 सितंबर को होगा, जिसमें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेताओं को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी।

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के इतिहास में यह बदलाव खास माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से इस प्रतिष्ठित समारोह का जुड़ाव नई दिल्ली से रहा है। हालांकि, इससे पहले भी कुछ मौकों पर समारोह देश के अन्य शहरों में आयोजित किए जा चुके हैं।
1954 में दिल्ली से शुरू हुआ था सफर
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी। इसका पहला समारोह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था। इसके बाद लंबे समय तक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के लिए दिल्ली प्रमुख आयोजन स्थल बना रहा।
विशेष रूप से पिछले कई वर्षों में विज्ञान भवन और राजधानी के अन्य प्रमुख स्थलों पर यह समारोह आयोजित होता रहा है। ऐसे में 72वें संस्करण के लिए दिल्ली से बाहर गुजरात के केवड़िया को चुना जाना समारोह के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
हालांकि नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का आयोजन हमेशा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। 17वां नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह वर्ष 1971 में चेन्नई में आयोजित किया गया था। इस लिहाज से केवड़िया में समारोह का आयोजन राष्ट्रीय पुरस्कारों को देश के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ने की दिशा में एक और कदम माना जा सकता है।
क्यों खास है केवड़िया?
गुजरात का केवड़िया, जिसे अब आधिकारिक रूप से एकता नगर के नाम से जाना जाता है, देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी खास पहचान बना चुका है। यह स्थान दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के लिए प्रसिद्ध है।
यह विशाल स्मारक देश के पहले उप प्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है। इसकी ऊंचाई करीब 597 फीट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन किया था।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास विकसित पर्यटन और सांस्कृतिक सुविधाओं के कारण एकता नगर बड़े राष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है। ऐसे में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित समारोह का यहां आयोजन गुजरात के पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाएगा।
जुलाई में घोषित हुए थे 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विजेता
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विजेताओं की घोषणा जुलाई में की गई थी। इस बार भी भारतीय सिनेमा के कई बड़े नामों और चर्चित फिल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
इन पुरस्कारों में हिंदी, मलयालम, तमिल और तेलुगु सहित अलग-अलग भारतीय भाषाओं की फिल्मों और कलाकारों को सम्मान मिला है। इससे एक बार फिर भारतीय सिनेमा की विविधता और अलग-अलग फिल्म इंडस्ट्री के योगदान को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।
‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया गया है। फिल्म में राष्ट्रीय सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर से जुड़े संवेदनशील विषय को कहानी के केंद्र में रखा गया था।
फिल्म की मुख्य अभिनेत्री यामी गौतम को भी उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला है। इस उपलब्धि ने फिल्म की सफलता को और खास बना दिया है।
यामी गौतम के लिए यह सम्मान उनके फिल्मी करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय पुरस्कार किसी भी अभिनेता या अभिनेत्री के लिए प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है और यामी की जीत ने फिल्म को लेकर दर्शकों की चर्चा को भी नई दिशा दी है।
ममूटी और कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान
इस बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दो बड़े कलाकारों को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को फिल्म ‘ब्रह्मायुगम’ में उनके दमदार अभिनय के लिए सम्मानित किया गया है।
वहीं बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला है।
दोनों कलाकारों की फिल्मों और किरदारों में काफी अलग-अलग तरह की भूमिकाएं देखने को मिलीं। ममूटी भारतीय सिनेमा के अनुभवी कलाकारों में गिने जाते हैं, जबकि कार्तिक आर्यन ने अपने करियर में अलग-अलग तरह के किरदारों के साथ अपनी अभिनय क्षमता को साबित करने की कोशिश की है।
रणदीप हुड्डा बने सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक
अभिनेता और फिल्म निर्माता रणदीप हुड्डा के लिए भी 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स खास रहे। उन्हें फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक का पुरस्कार मिला है।
यह फिल्म हिंदुत्व विचारक और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित थी। रणदीप हुड्डा ने फिल्म में अभिनय करने के साथ-साथ इसका निर्देशन भी किया था।
निर्देशक के तौर पर यह उनकी पहली फिल्म थी और पहली ही फिल्म में राष्ट्रीय स्तर का सम्मान मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
‘कल्कि 2898 AD’ को मिला बड़ा सम्मान
तेलुगु साइंस-फिक्शन फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ ने भी 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। फिल्म को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का पुरस्कार दिया गया है।
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन जैसे बड़े कलाकारों वाली इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा में साइंस-फिक्शन और पौराणिक संदर्भों के अनोखे मिश्रण के कारण व्यापक चर्चा हासिल की थी।
राष्ट्रीय पुरस्कार में लोकप्रिय मनोरंजन की श्रेणी में सम्मान मिलना फिल्म की व्यावसायिक और दर्शक-स्तर की सफलता को भी रेखांकित करता है।
‘कैप्टन मिलर’ को भी राष्ट्रीय सम्मान
तमिल सिनेमा की फिल्म ‘कैप्टन मिलर’ को भी 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सम्मान मिला है। अरुण मथेश्वरन के निर्देशन में बनी और अभिनेता धनुष अभिनीत इस फिल्म को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया गया है।
फिल्म की कहानी और प्रस्तुति में सामाजिक तथा ऐतिहासिक संदर्भों को प्रमुखता दी गई थी। राष्ट्रीय पुरस्कार में सम्मान मिलने से क्षेत्रीय सिनेमा की फिल्मों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और मजबूत हुई है।
भारतीय सिनेमा की विविधता का दिखेगा संगम
इस बार के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की सूची पर नजर डालें तो इसमें हिंदी के साथ-साथ दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों और कलाकारों की मजबूत मौजूदगी दिखाई देती है।
मलयालम सिनेमा से ममूटी, तमिल सिनेमा से ‘कैप्टन मिलर’, तेलुगु सिनेमा से ‘कल्कि 2898 AD’ और हिंदी सिनेमा से ‘आर्टिकल 370’, यामी गौतम, कार्तिक आर्यन और रणदीप हुड्डा जैसे नाम शामिल हैं।
इससे यह भी सामने आता है कि भारतीय सिनेमा अब केवल एक भाषा या एक फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है। अलग-अलग भाषाओं में बनने वाली फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पहचान मिल रही है।
22 सितंबर को सितारों का लगेगा जमावड़ा
अब सभी की नजरें 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर में होने वाले 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह पर टिकी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में जब विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, तब भारतीय सिनेमा के कई बड़े कलाकार, फिल्म निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ एक मंच पर नजर आएंगे।
दिल्ली से बाहर केवड़िया में आयोजित होने वाला यह समारोह न केवल पुरस्कार विजेताओं के लिए यादगार होगा, बल्कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के इतिहास में भी एक खास अध्याय जोड़ेगा।
दिल्ली से केवड़िया तक बदला सफर
1954 में दिल्ली के विज्ञान भवन से शुरू हुआ नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का सफर अब 72वें संस्करण में गुजरात के केवड़िया यानी एकता नगर तक पहुंच गया है। इस बदलाव के साथ समारोह भारतीय सिनेमा की उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ-साथ देश के अलग-अलग सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय मंच से जोड़ता हुआ भी नजर आएगा।
अब 22 सितंबर को होने वाले समारोह में यह देखना दिलचस्प होगा कि पुरस्कार विजेता सितारे और फिल्मकार इस ऐतिहासिक अवसर को किस अंदाज में यादगार बनाते हैं।



