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Annu Projects IPO Listing: 27% तक टूटकर हुई कमजोर एंट्री, फिर अपर सर्किट पर पहुंचा शेयर, जानें अब क्या है स्थिति

Business Desk | Annu Projects IPO Listing: टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, गैस पाइपलाइन और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए EPC (Engineering, Procurement and Construction) सेवाएं देने वाली Annu Projects के शेयरों की शेयर बाजार में कमजोर लिस्टिंग हुई। कंपनी के IPO में शेयर का इश्यू प्राइस 99 रुपये तय किया गया था, लेकिन लिस्टिंग के समय निवेशकों को इससे काफी नीचे भाव मिला।

कंपनी के शेयर BSE पर 75 रुपये और NSE पर 72 रुपये पर सूचीबद्ध हुए। इस तरह NSE पर लिस्टिंग प्राइस इश्यू प्राइस से करीब 27% कम रहा। यानी IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को पहले ही दिन लिस्टिंग गेन मिलने के बजाय भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।

हालांकि, कमजोर शुरुआत के बाद शेयर में निचले स्तरों से खरीदारी देखने को मिली और कारोबार के दौरान यह NSE पर 75.60 रुपये के अपर सर्किट तक पहुंच गया। इसके बावजूद यह भाव कंपनी के 99 रुपये के इश्यू प्राइस से काफी नीचे रहा।

कमजोर लिस्टिंग के बाद शेयर में रिकवरी

Annu Projects के शेयर की शुरुआत भले ही कमजोर रही, लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में खरीदारी देखने को मिली। NSE पर शेयर 72 रुपये के भाव पर लिस्ट होने के बाद बढ़कर 75.60 रुपये के अपर सर्किट तक पहुंच गया।

यानी शुरुआती गिरावट के बाद शेयर ने कुछ रिकवरी जरूर की, लेकिन IPO निवेशकों के लिए स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। 75.60 रुपये के भाव पर भी शेयर अपने 99 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 23.64% नीचे है।

इसका मतलब साफ है कि शेयर में लिस्टिंग के बाद तेजी आने के बावजूद IPO में 99 रुपये के भाव पर निवेश करने वाले निवेशक अभी अपने शुरुआती निवेश से घाटे में हैं।

बाजार में भी रहा दबाव

Annu Projects की कमजोर लिस्टिंग ऐसे समय हुई, जब घरेलू शेयर बाजार में भी दबाव का माहौल देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में ही Sensex 800 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 23,800 के स्तर से नीचे चला गया।

बाजार में कमजोर sentiment का असर नए लिस्ट हुए शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है। खासकर जब कोई IPO बाजार में लिस्ट होता है, तो उस समय व्यापक बाजार का रुख निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकता है।

ऐसे में Annu Projects के शेयर में कमजोर लिस्टिंग के पीछे केवल कंपनी से जुड़े कारण ही नहीं, बल्कि उस समय का बाजार माहौल भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर माना जा सकता है।

175 करोड़ रुपये का था Annu Projects IPO

Annu Projects का IPO 25 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए कुल 175 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी।

IPO को निवेशकों की ओर से कुल मिलाकर अच्छा रिस्पांस मिला और यह इश्यू 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ। यानी उपलब्ध शेयरों की तुलना में निवेशकों ने लगभग तीन गुना आवेदन किए।

कैटेगरी के हिसाब से देखें तो:

  • QIB (Qualified Institutional Buyers): 1.72 गुना सब्सक्राइब
  • NII (Non-Institutional Investors): 3.55 गुना सब्सक्राइब
  • Retail Investors: 2.68 गुना सब्सक्राइब

इसके बावजूद शेयर की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से काफी नीचे हुई। इससे पता चलता है कि IPO का सब्सक्रिप्शन मजबूत रहने के बावजूद लिस्टिंग के समय बाजार में शेयर की मांग उस स्तर की नहीं रही, जिसकी उम्मीद निवेशकों को थी।

IPO में जारी किए गए सभी शेयर Fresh Issue

Annu Projects के IPO में कंपनी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले कुल 1,76,83,000 नए शेयर जारी किए।

इस इश्यू की एक खास बात यह है कि इसमें पूरी रकम Fresh Issue के जरिए जुटाई गई है। यानी IPO से प्राप्त राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी और इसका इस्तेमाल कंपनी की कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।

Fresh Issue के जरिए जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार को बढ़ाने, मशीनरी खरीदने, working capital की जरूरत पूरी करने और अन्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

IPO से मिले पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी ने IPO से प्राप्त रकम के इस्तेमाल के लिए अलग-अलग मद निर्धारित की हैं। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा working capital requirements के लिए रखा गया है।

कंपनी के मुताबिक:

  • 15.41 करोड़ रुपये मशीनरी और equipment खरीदने में खर्च होंगे।
  • 115 करोड़ रुपये working capital requirements के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।
  • 24.16 करोड़ रुपये general corporate purposes के लिए रखे गए हैं।
  • करीब 20.49 करोड़ रुपये IPO से जुड़े expenses में खर्च होंगे।

Working capital के लिए 115 करोड़ रुपये का प्रावधान काफी महत्वपूर्ण है। EPC कारोबार में कंपनियों को प्रोजेक्ट पूरा होने तक कर्मचारियों, कच्चे माल, मशीनरी, सप्लायर्स और अन्य परिचालन खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में पूंजी की जरूरत होती है।

इसलिए IPO से मिलने वाली पूंजी कंपनी के मौजूदा प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने और भविष्य में नए प्रोजेक्ट्स हासिल करने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

Telecom से लेकर Gas Pipeline और Sewerage तक कारोबार

Annu Projects एक EPC कंपनी है। कंपनी का कारोबार कई इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में फैला हुआ है।

कंपनी मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में काम करती है:

  • Telecom Infrastructure
  • Sewerage Infrastructure
  • Gas Pipeline
  • Railway Signalling

इन क्षेत्रों में कंपनी को प्रोजेक्ट मिलने के बाद Engineering, Procurement और Construction से जुड़ी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं।

खासकर देश में टेलीकॉम नेटवर्क, गैस पाइपलाइन, सीवरेज सिस्टम और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के बीच इन क्षेत्रों में EPC कंपनियों के लिए अवसर मौजूद हैं।

जून 2026 तक 1,959 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स

कंपनी के कारोबार को समझने के लिए उसकी ongoing projects की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। जून 2026 तक Annu Projects के पास करीब 1,959.35 करोड़ रुपये के 23 ongoing projects थे।

इनमें:

  • 4 Telecom Infrastructure Projects
  • 14 Sewerage Projects
  • 4 Gas Pipeline Projects
  • 1 Railway Signalling Project

शामिल थे।

कंपनी के पास मौजूद इन प्रोजेक्ट्स को देखते हुए भविष्य की कमाई के लिए order book visibility मजबूत दिखाई देती है। हालांकि, केवल बड़ा order book होना ही पर्याप्त नहीं है। EPC कंपनियों के लिए इन प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय और लागत के भीतर पूरा करना भी बेहद महत्वपूर्ण होता है।

बढ़ रहा है कंपनी का मुनाफा

Annu Projects के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने मुनाफे और आय में वृद्धि दर्ज की है।

वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का net profit करीब 38% CAGR की दर से बढ़कर 33.03 करोड़ रुपये हो गया।

इसी अवधि में कंपनी की total income 25% से अधिक CAGR की दर से बढ़कर 244.59 करोड़ रुपये पहुंच गई।

इससे पता चलता है कि कंपनी के कारोबार के साथ-साथ उसकी profitability में भी वृद्धि हुई है।

कंपनी पर कितना कर्ज?

मार्च 2026 के अंत तक Annu Projects पर करीब 52.54 करोड़ रुपये का total debt था।

वहीं कंपनी के reserves and surplus करीब 107.45 करोड़ रुपये थे।

कंपनी की बैलेंस शीट को देखते हुए निवेशकों के लिए आगे कंपनी की debt position, cash flow और working capital management पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। खासकर EPC कारोबार में प्रोजेक्ट्स के लिए पहले खर्च करना और बाद में payment प्राप्त होना आम बात है, इसलिए cash flow कंपनी के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाता है।

मजबूत ऑर्डर बुक के बावजूद कमजोर लिस्टिंग से क्या संकेत?

Annu Projects के मामले में एक तरफ कंपनी के पास बड़े ongoing projects हैं और पिछले कुछ वर्षों में आय तथा मुनाफे में भी वृद्धि हुई है। दूसरी तरफ IPO की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से काफी नीचे हुई है।

इससे यह समझना जरूरी है कि कंपनी के अच्छे fundamentals और शेयर की short-term market performance अलग-अलग चीजें हैं।

लिस्टिंग के समय बाजार का sentiment, IPO valuation, निवेशकों की मांग और व्यापक बाजार की स्थिति शेयर के भाव को प्रभावित कर सकती है।

आगे कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजों में नए ऑर्डर हासिल करना, मौजूदा प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना, लागत पर नियंत्रण रखना और ग्राहकों से समय पर भुगतान प्राप्त करना शामिल होगा।

अब निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?

Annu Projects की लिस्टिंग के बाद अब निवेशकों की नजर कंपनी के आने वाले कारोबारी प्रदर्शन पर होगी। खासतौर पर अगले कुछ तिमाहियों में कंपनी की आय, मुनाफा, नए ऑर्डर और cash flow की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

इसके अलावा निवेशक यह भी देखेंगे कि कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किस तरह करती है और क्या इससे कंपनी की operational capacity तथा profitability में सुधार होता है।

नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय परिणाम, valuation, debt, cash flow, order book और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का स्वतंत्र रूप से आकलन करें। यह लेख केवल उपलब्ध जानकारी पर आधारित है और इसे निवेश सलाह न माना जाए।

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