Steamhouse India IPO: 414 करोड़ रुपये का IPO 9 सितंबर से खुलेगा, एक लॉट के लिए 14,985 रुपये, GMP शून्य

Steamhouse India IPO: प्राइमरी मार्केट में सितंबर के दूसरे सप्ताह में निवेशकों की नजर कई नए आईपीओ पर रहने वाली है। इसी कड़ी में Steamhouse India IPO भी 9 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल 414 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। निवेशक इस इश्यू में 9 सितंबर से 11 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे।
कंपनी ने आईपीओ के लिए शेयर का प्राइस बैंड 77 से 81 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ऊपरी मूल्य बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट खरीदने के लिए 14,985 रुपये का निवेश करना होगा। आईपीओ में पैसा लगाने से पहले निवेशकों के लिए कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, आईपीओ से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल और ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP को समझना जरूरी है।

414 करोड़ रुपये का है पूरा IPO
Steamhouse India के आईपीओ का कुल आकार 414 करोड़ रुपये है। इसमें कंपनी नए शेयर जारी कर करीब 353 करोड़ रुपये जुटाएगी, जबकि लगभग 61 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है।
OFS के तहत कंपनी के प्रमोटर विशाल सांवरप्रसाद बुधिया अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। OFS से मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारक को प्राप्त होती है।
वहीं, फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार से जुड़े विभिन्न उद्देश्यों के लिए करेगी।
9 सितंबर को खुलेगा IPO, 11 सितंबर तक बोली
Steamhouse India IPO में निवेशक 9 सितंबर 2026 से बोली लगा सकेंगे। आईपीओ 11 सितंबर 2026 को बंद होगा।
दिए गए कार्यक्रम के मुताबिक शेयरों का आवंटन 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 17 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर हो सकती है।
हालांकि, IPO से जुड़े कार्यक्रमों में बदलाव संभव होता है, इसलिए निवेशकों को अंतिम तारीखों की पुष्टि कंपनी और एक्सचेंज से जारी आधिकारिक जानकारी से करनी चाहिए।
इस इश्यू के लिए Equirus Capital Limited बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि KFin Technologies Limited को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
एक लॉट के लिए कितने रुपये लगाने होंगे?
Steamhouse India ने शेयर का फेस वैल्यू 2 रुपये प्रति शेयर रखा है। वहीं आईपीओ का प्राइस बैंड 77 से 81 रुपये है।
रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम बोली 185 शेयरों की है।
अगर कोई निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड यानी 81 रुपये पर एक लॉट के लिए आवेदन करता है, तो—
185 × 81 = 14,985 रुपये
यानी एक लॉट के लिए अधिकतम 14,985 रुपये लगाने होंगे।
वहीं 77 रुपये के निचले प्राइस बैंड पर—
185 × 77 = 14,245 रुपये
की राशि लगेगी। इसके अलावा लागू शुल्क और अन्य चार्ज अलग हो सकते हैं।
कंपनी का वैल्यूएशन कितना है?
IPO में निवेश से पहले कंपनी का वैल्यूएशन देखना भी महत्वपूर्ण होता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 के प्रति शेयर मुनाफे के आधार पर कंपनी का P/E अनुपात 77 रुपये के इश्यू प्राइस पर करीब 35.03 गुना और 81 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर करीब 37.17 गुना है।
कंपनी के अनुसार उद्योग का औसत P/E करीब 70.96 गुना है। इस तुलना के आधार पर कंपनी का P/E उद्योग के औसत से कम दिखाई देता है।
कंपनी का पिछले तीन वित्त वर्षों का भारित औसत RONW (Return on Net Worth) करीब 24.14% रहा है। हालांकि, केवल P/E या RONW के आधार पर IPO को सस्ता या महंगा मानना उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी की भविष्य की कमाई, कर्ज, कैश फ्लो, प्रतिस्पर्धा और सेक्टर की स्थिति भी देखनी चाहिए।
IPO से मिलने वाले पैसों का क्या करेगी कंपनी?
Steamhouse India ने IPO से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल के लिए कई योजनाएं बताई हैं। कंपनी करीब 180 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने या समय से पहले भुगतान करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
इसके अलावा कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए भी रकम खर्च करेगी।
अंकलेश्वर और पनोली में क्षमता विस्तार
कंपनी अंकलेश्वर और पनोली स्थित अपनी सुविधाओं में क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 37.98-37.98 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है।
इसका उद्देश्य कंपनी की उत्पादन और आपूर्ति क्षमता को बढ़ाना है, ताकि औद्योगिक ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी अपने कारोबार का विस्तार कर सके।
दहेज SEZ में नया प्रोजेक्ट
कंपनी दहेज SEZ में स्टीम उत्पादन की सुविधा स्थापित करने की योजना भी बना रही है। इसके लिए करीब 38.17 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
कंपनी के अनुसार शुद्ध IPO आय के अनुमानित उपयोग की कुल राशि करीब 294.13 करोड़ रुपये है।
इससे साफ है कि IPO से मिलने वाली रकम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कंपनी के कर्ज को कम करने और कारोबार की क्षमता बढ़ाने में लगाया जाना है।
कंपनी की कमाई में करीब 24% की बढ़ोतरी
Steamhouse India के वित्तीय प्रदर्शन में वित्त वर्ष 2026 के दौरान सुधार देखने को मिला है।
कंपनी की कुल आय—
- FY2025: 398.53 करोड़ रुपये
- FY2026: 494.97 करोड़ रुपये
रही।
इस तरह कंपनी की कुल आय में करीब 24% की बढ़ोतरी हुई।
इसी तरह कंपनी का कर पश्चात लाभ यानी PAT भी बढ़ा है।
- FY2025 PAT: 31.16 करोड़ रुपये
- FY2026 PAT: 38.64 करोड़ रुपये
यानी कंपनी के मुनाफे में भी करीब 24% की वृद्धि हुई है।
राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है, लेकिन IPO में निवेश का निर्णय लेने से पहले यह देखना भी जरूरी है कि यह वृद्धि आगे कितनी टिकाऊ रह सकती है।
Steamhouse India क्या कारोबार करती है?
Steamhouse India की शुरुआत जून 2015 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से औद्योगिक गैस और स्टीम से संबंधित कारोबार करती है।
कंपनी औद्योगिक ग्राहकों को पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए स्टीम और नाइट्रोजन की केंद्रीकृत आपूर्ति करती है।
इस बिजनेस मॉडल का फायदा यह है कि औद्योगिक ग्राहकों को खुद स्टीम और नाइट्रोजन उत्पादन का पूरा बुनियादी ढांचा तैयार करने और उसके रखरखाव पर उतना खर्च नहीं करना पड़ता।
कंपनी की सेवाओं में स्टीम का उत्पादन और वितरण, स्टीम की खरीद, नाइट्रोजन का पृथक्करण, उसका संपीड़न और आपूर्ति तथा कोयले से जुड़ा कारोबार शामिल है।
45 किलोमीटर से ज्यादा लंबा पाइपलाइन नेटवर्क
कंपनी का पाइपलाइन नेटवर्क 45 किलोमीटर से अधिक लंबा बताया गया है। यह नेटवर्क कई महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
इनमें प्रमुख रूप से—
- सचिन
- वापी
- अंकलेश्वर
- सारिगाम
- पनोली
- नडेसरी
जैसे औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।
इस तरह कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से औद्योगिक ग्राहकों की ऊर्जा और गैस संबंधी जरूरतों से जुड़ा हुआ है।
कंपनी के ग्राहक कौन हैं?
Steamhouse India के ग्राहकों में कई औद्योगिक कंपनियां शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें Aether Industries, Anupam Rasayan India, Globe Enviro Care और Gujarat Polysol Chemicals जैसी कंपनियां शामिल हैं।
कंपनी का ग्राहक आधार मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में है, जिससे उसके कारोबार का प्रदर्शन औद्योगिक गतिविधियों और संबंधित क्षेत्रों की मांग से भी प्रभावित हो सकता है।
GMP शून्य, यानी ग्रे मार्केट में अभी प्रीमियम नहीं
Steamhouse India IPO को लेकर 8 सितंबर की सुबह 6 बजे तक GMP यानी Grey Market Premium शून्य रुपये बताया गया है।
इसका मतलब है कि फिलहाल ग्रे मार्केट में IPO के इश्यू प्राइस के ऊपर कोई प्रीमियम दिखाई नहीं दे रहा है।
हालांकि निवेशकों को यह समझना चाहिए कि GMP कोई आधिकारिक या विनियमित संकेतक नहीं है। यह अनौपचारिक बाजार का संकेत होता है और IPO खुलने या लिस्टिंग तक इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।
इसलिए केवल GMP देखकर IPO में निवेश करने का फैसला नहीं करना चाहिए।
निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
Steamhouse India IPO में निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के सकारात्मक और जोखिम वाले दोनों पहलुओं को समझना चाहिए।
सकारात्मक पहलुओं में कंपनी के राजस्व और मुनाफे में वृद्धि, औद्योगिक ग्राहकों का आधार, पाइपलाइन नेटवर्क और IPO से मिलने वाली रकम का कर्ज कम करने तथा क्षमता विस्तार में इस्तेमाल शामिल हैं।
वहीं दूसरी ओर निवेशकों को कंपनी के कारोबार की औद्योगिक मांग पर निर्भरता, कर्ज, ग्राहकों की एकाग्रता, प्रतिस्पर्धा, भविष्य की कमाई और IPO के बाद कंपनी के मूल्यांकन जैसे पहलुओं पर भी नजर रखनी चाहिए।
Steamhouse India IPO: एक नजर में पूरी जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| IPO का आकार | 414 करोड़ रुपये |
| Fresh Issue | करीब 353 करोड़ रुपये |
| OFS | करीब 61 करोड़ रुपये |
| IPO खुलने की तारीख | 9 सितंबर 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 11 सितंबर 2026 |
| Price Band | 77-81 रुपये |
| Lot Size | 185 शेयर |
| एक लॉट की अधिकतम कीमत | 14,985 रुपये |
| न्यूनतम कीमत पर एक लॉट | 14,245 रुपये |
| संभावित Allotment | 15 सितंबर 2026 |
| संभावित Listing | 17 सितंबर 2026 |
| लिस्टिंग एक्सचेंज | NSE और BSE |
| GMP | 0 रुपये (8 सितंबर सुबह तक) |
| Lead Manager | Equirus Capital |
| Registrar | KFin Technologies |
क्या Steamhouse India IPO में निवेश करना चाहिए?
Steamhouse India IPO में निवेश करना है या नहीं, इसका फैसला केवल कंपनी की कमाई या GMP के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। कंपनी की आय और मुनाफे में वृद्धि जरूर देखने को मिली है और IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कर्ज कम करने तथा क्षमता विस्तार में इस्तेमाल किया जाएगा।
दूसरी ओर, IPO का वैल्यूएशन, कंपनी के कारोबार से जुड़े जोखिम और भविष्य की कमाई की संभावनाओं को भी समझना जरूरी है।
निवेशकों को IPO का Red Herring Prospectus (RHP) पढ़कर कंपनी के वित्तीय आंकड़े, जोखिम कारक, प्रमोटर होल्डिंग, कर्ज और फंड के इस्तेमाल की विस्तृत जानकारी देखनी चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है और IPO का GMP या संभावित लिस्टिंग प्रीमियम किसी निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं देता।



