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‘पुष्पा’ स्टाइल में गांजा तस्करी का खुलासा, ट्रक के छह टायरों में छिपाया था 75.50 लाख का माल; दो गिरफ्तार

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे तरीके का खुलासा किया है, जिसने जांच टीम को भी हैरान कर दिया। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गांजा को किसी सामान्य सामान के बीच नहीं, बल्कि मेटाडोर के छहों टायरों के अंदर छिपाकर रखा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 151.50 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 75 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने मामले में मध्यप्रदेश और ओडिशा के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गांजा तस्करी में इस्तेमाल मेटाडोर को भी जब्त कर लिया गया है। इस कार्रवाई को गरियाबंद पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत बड़ी सफलता माना जा रहा है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेरा

पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त को थाना देवभोग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक मेटाडोर वाहन के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध गांजा देवभोग क्षेत्र की ओर लाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जिले के प्रमुख प्रवेश मार्गों और अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर निगरानी बढ़ा दी।

इसी दौरान खुटगांव अंतरराज्यीय पुलिस चेक पोस्ट पर पुलिस जवान संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एक संदिग्ध मेटाडोर को रोककर उसकी जांच शुरू की गई।

शुरुआती तलाशी में पुलिस को वाहन के अंदर गांजा दिखाई नहीं दिया। इसके बाद पुलिस ने वाहन की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान जब टायरों की पड़ताल की गई तो पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद टायरों को खुलवाकर जांच की गई, जिसमें गांजा छिपाए जाने का खुलासा हुआ।

छह टायरों के अंदर छिपा था 151.50 किलो गांजा

तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। मेटाडोर के छह टायरों के अंदर गांजा छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने जब टायरों को खोलकर जांच की तो उसके अंदर पैकेटों में भरकर रखा गया गांजा बरामद हुआ।

कुल 151.50 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत लगभग 75.50 लाख रुपये आंकी गई है। गांजा को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य वाहन जांच के दौरान इसके आसानी से पकड़े जाने की संभावना कम रहे।

तस्करी के इस तरीके की तुलना चर्चित फिल्म ‘पुष्पा’ में दिखाए गए तस्करी के फिल्मी अंदाज से की जा रही है। हालांकि वास्तविक कार्रवाई में पुलिस ने वाहन की तकनीकी और बारीकी से जांच कर तस्करों की पूरी योजना को नाकाम कर दिया।

दो राज्यों से जुड़े हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के रोहित पांडेय और ओडिशा के कालाहांडी जिले के रमेश नायक के रूप में हुई है।

पूछताछ में पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही दोनों आरोपियों के पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

20.25 लाख का मेटाडोर भी जब्त

गांजा के अलावा पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे मेटाडोर वाहन को भी जब्त कर लिया है। जब्त वाहन की अनुमानित कीमत 20 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) और 27ए के तहत अपराध दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

आठ महीने में 5 करोड़ से ज्यादा का गांजा जब्त

गरियाबंद पुलिस के मुताबिक, जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले करीब आठ महीनों के दौरान पुलिस ने गांजा तस्करी से जुड़े 44 प्रकरण दर्ज किए हैं।

इन मामलों में पुलिस ने कुल 86 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान लगभग 10 क्विंटल 80 किलोग्राम यानी 1,080 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ 17 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस ने केवल गांजा ही नहीं, बल्कि तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों पर भी कार्रवाई की है। अब तक 32 वाहन जब्त किए गए हैं। इनमें 18 दोपहिया और 14 चारपहिया वाहन शामिल हैं।

कई राज्यों की सीमा से जुड़ा होने के कारण चुनौती

गरियाबंद जिला भौगोलिक रूप से कई महत्वपूर्ण मार्गों और राज्यों की सीमाओं से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से दूसरे राज्यों से मादक पदार्थों की आवाजाही रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी रहती है। तस्कर अलग-अलग रास्तों और नए-नए तरीकों का इस्तेमाल करके पुलिस की निगरानी से बचने का प्रयास करते हैं।

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, इसी चुनौती को देखते हुए रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अंतरराज्यीय चेक पोस्ट, संदिग्ध वाहनों की जांच और मुखबिर तंत्र को मजबूत कर तस्करों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पुलिस की सख्ती से तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा

गरियाबंद पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। पुलिस की टीमें संदिग्ध वाहनों और अंतरराज्यीय आवाजाही पर विशेष निगरानी रख रही हैं।

हालिया कार्रवाई में जिस तरह तस्करों ने मेटाडोर के टायरों के अंदर गांजा छिपाया था, उससे साफ है कि तस्कर पुलिस से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि पुलिस की सतर्कता और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के चलते तस्करों की यह योजना सफल नहीं हो सकी।

गरियाबंद पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने और गांजा की सप्लाई लाइन का पता लगाने में जुटी है।

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