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रायपुर में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम ठप, 7 महीने से ज्यादा समय से ITMS का संचालन प्रभावित; 8 करोड़ का भुगतान अटका

रायपुर। राजधानी रायपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए शुरू किया गया इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) पिछले 7 महीने से ज्यादा समय से प्रभावित है। संचालन और मेंटेनेंस का काम संभाल रही L&T कंपनी का करीब 8 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित होने के कारण सिस्टम का रखरखाव और संचालन बंद बताया जा रहा है।

इसका सीधा असर शहर की ट्रैफिक मॉनिटरिंग, नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने और सर्विलांस व्यवस्था पर पड़ रहा है। शहर में लगाए गए कई कैमरे और ट्रैफिक से जुड़े उपकरण खराब होने के कारण स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है।

142 लोकेशन पर लगे हैं 549 कैमरे

रायपुर में ITMS के तहत शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 142 लोकेशन पर 549 कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों का उद्देश्य प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों पर यातायात की निगरानी करना, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रिकॉर्ड करना और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सर्विलांस में मदद देना है।

लेकिन वर्तमान में सभी कैमरे सुचारु रूप से काम नहीं कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 12 प्रमुख स्थानों पर लगे 48 कैमरे बंद पड़े हैं।

इसके अलावा करीब 15 कैमरों की फुटेज स्पष्ट नहीं मिल रही है। इससे किसी घटना या ट्रैफिक नियम उल्लंघन के मामले में रिकॉर्डिंग के जरिए निगरानी और कार्रवाई करने में परेशानी हो सकती है।

10 स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल भी खराब

कैमरों के अलावा ITMS से जुड़े अन्य उपकरणों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। शहर में लगाए गए 10 स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल काम नहीं कर रहे हैं।

स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल का उद्देश्य यातायात के दबाव के अनुसार ट्रैफिक संचालन को बेहतर बनाना और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना है। इनके खराब होने से ट्रैफिक प्रबंधन की स्मार्ट व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।

इसके अलावा:

  • 16 पीए सिस्टम खराब बताए जा रहे हैं।
  • 4 VMS (Variable Message Sign) बोर्ड भी काम नहीं कर रहे।
  • कई स्थानों पर कैमरों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित है।
  • फुटेज की गुणवत्ता खराब होने से सर्विलांस में दिक्कत आ रही है।

7 महीने से ज्यादा समय से मेंटेनेंस प्रभावित

ITMS का संचालन और मेंटेनेंस करने वाली कंपनी को भुगतान नहीं मिलने के कारण पिछले 7 महीने से ज्यादा समय से संचालन एवं रखरखाव का काम प्रभावित है।

किसी भी बड़े तकनीकी सिस्टम के लिए नियमित मेंटेनेंस बेहद जरूरी होता है। कैमरा, सर्वर, नेटवर्क, ट्रैफिक सिग्नल, डिस्प्ले बोर्ड और पब्लिक एड्रेस सिस्टम जैसे उपकरण लगातार तकनीकी निगरानी और समय पर मरम्मत की मांग करते हैं।

मेंटेनेंस प्रभावित होने के कारण अब एक-एक करके उपकरण खराब होते जा रहे हैं और उनका असर पूरे सिस्टम की कार्यक्षमता पर दिखाई दे रहा है।

आखिर क्यों अटका है 8 करोड़ का भुगतान?

ITMS के संचालन के लिए भुगतान की व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से पहले एक निर्णय लिया गया था। कैबिनेट ने तय किया था कि पुलिस द्वारा वसूले गए चालान की राशि का 50 फीसदी हिस्सा ITMS के संचालन में दिया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से वसूले गए जुर्माने की राशि का एक हिस्सा स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम के संचालन और रखरखाव में इस्तेमाल करना था।

लेकिन आदेश जारी होने के करीब एक साल बाद भी लगभग 8 करोड़ रुपए का भुगतान जारी नहीं हो सका है। इसी भुगतान के लंबित रहने के कारण ITMS संचालन करने वाली कंपनी की ओर से मेंटेनेंस कार्य बंद किए जाने की स्थिति बनी है।

पुलिस ने शासन को लिखा पत्र

ITMS की स्थिति को लेकर पुलिस विभाग भी सक्रिय हुआ है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने पिछले सप्ताह शासन को पत्र लिखकर लंबित भुगतान जारी करने का अनुरोध किया है।

पुलिस के लिए ITMS केवल ट्रैफिक सिग्नल या कैमरों की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह शहर की निगरानी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में कैमरों और अन्य उपकरणों के खराब होने से यातायात प्रबंधन के साथ-साथ अपराध नियंत्रण और घटनाओं की निगरानी में भी परेशानी हो सकती है।

ट्रैफिक व्यवस्था और सर्विलांस पर असर

रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की भूमिका लगातार बढ़ रही है। प्रमुख चौराहों पर कैमरों के जरिए वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। वहीं ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान और निगरानी में भी तकनीकी सिस्टम मदद करता है।

ऐसे में जब दर्जनों कैमरे बंद हों और कई कैमरों की फुटेज साफ न मिल रही हो, तो ट्रैफिक उल्लंघनों की निगरानी और घटनाओं की रिकॉर्डिंग प्रभावित होना स्वाभाविक है।

इसी तरह स्मार्ट सिग्नल, पीए सिस्टम और VMS बोर्ड के खराब होने से वाहन चालकों को जरूरी ट्रैफिक सूचना उपलब्ध कराने और यातायात को व्यवस्थित करने में भी दिक्कत हो सकती है।

जल्द भुगतान नहीं हुआ तो बढ़ सकती है परेशानी

ITMS के उपकरणों की संख्या काफी अधिक है और शहर के बड़े हिस्से में यह सिस्टम फैला हुआ है। इसलिए लंबे समय तक मेंटेनेंस बंद रहने से तकनीकी खराबियां और बढ़ सकती हैं।

अगर लंबित करीब 8 करोड़ रुपए का भुगतान जल्द जारी नहीं होता, तो सिस्टम के बचे हुए उपकरणों के रखरखाव और मरम्मत पर भी असर पड़ने की आशंका है। इससे राजधानी की स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी क्षमता से बहाल करने में और समय लग सकता है।

राजधानी के लिए जरूरी है ITMS की बहाली

रायपुर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए ITMS को सुचारु रखना जरूरी है। कैमरों, स्मार्ट सिग्नल, VMS और पीए सिस्टम की मदद से ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लंबित भुगतान का समाधान कर ITMS का संचालन और मेंटेनेंस दोबारा शुरू कराना है। पुलिस की ओर से शासन को पत्र भेजे जाने के बाद अब इस मामले में शासन स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

कुल मिलाकर, 8 करोड़ रुपए के भुगतान के विवाद ने रायपुर की स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। 549 कैमरों वाले ITMS में दर्जनों उपकरण बंद हैं, जबकि कई की फुटेज स्पष्ट नहीं मिल रही। ऐसे में भुगतान का जल्द समाधान और सिस्टम की तकनीकी मरम्मत राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी हो गई है।

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