बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम, छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन झमाझम बारिश के आसार; जानें अपने जिले का हाल..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं कई अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मंगलवार को भी छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के बोदरी में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर बारिश हुई। प्रदेश में अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून द्रोणिका इस समय बीकानेर, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे क्षेत्रों में बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, सीधी, रांची और दीघा होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
इसी बीच उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से आज इसी क्षेत्र में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला यह नया सिस्टम अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ की ओर नमी पहुंचा सकता है। इसके चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
नए सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक मौसम में सक्रियता बनी रह सकती है।
- उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
- कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
- कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
- बादल छाए रहने से दिन के तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
- बंगाल की खाड़ी का सिस्टम मजबूत होने पर बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।
खासकर उत्तरी जिलों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों के मौसम पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।
रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
जगदलपुर और दुर्ग में 32.6 डिग्री तापमान
मंगलवार को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस दौरान जगदलपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली।
बोदरी में सबसे ज्यादा 7 सेमी बारिश
मंगलवार को हुई बारिश के आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर जिले के बोदरी में सबसे ज्यादा 7 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई।
| स्थान | बारिश |
|---|---|
| बोदरी | 7 सेमी |
| बिलासपुर | 5 सेमी |
| सकरी | 5 सेमी |
| पथरिया | 5 सेमी |
| कुमरदा | 4 सेमी |
| दुलदुला | 4 सेमी |
| मरीं बंगला देवरी | 4 सेमी |
| गोबरा नवापारा | 4 सेमी |
| तखतपुर | 4 सेमी |
| बैकुंठपुर | 3 सेमी |
| डोंडीलोहारा | 3 सेमी |
| बिल्हा | 3 सेमी |
| लालपुर थाना | 3 सेमी |
| कोटा | 3 सेमी |
| मुंगेली | 3 सेमी |
इन इलाकों में 2 सेमी तक बारिश
छिंदगढ़, भाटापारा, अर्जुन्दा, मस्तूरी, राजिम, छुरा, भाखरा, छुरिया, दाढ़ी, पचपेड़ी और अंबागढ़ चौकी में करीब 2-2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
वहीं नांदघाट, कुरूद, गुरूर, चिरमिरी, पाटन, रामचंद्रपुर, गुंडरदेही, धमतरी, बलरामपुर, डोंगरगांव, नवागढ़, बरमकेला और अभनपुर में 1-1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश में अब भी 7 प्रतिशत कम बारिश
बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद छत्तीसगढ़ में अब तक की मौसमी वर्षा सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम है। ऐसे में बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया सिस्टम प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि यह सिस्टम प्रभावी रहता है तो आने वाले दिनों में बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। हालांकि बारिश का वास्तविक वितरण सिस्टम की दिशा और उसकी ताकत पर निर्भर करेगा।
किसानों के लिए भी अहम है बारिश का यह दौर
अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। प्रदेश के कई हिस्सों में खरीफ फसलों की खेती चल रही है। ऐसे में पर्याप्त बारिश से खेतों में नमी बनी रहने में मदद मिलेगी।
हालांकि जहां कम समय में बहुत अधिक बारिश होती है, वहां खेतों में पानी भरने, निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट देखकर ही खेतों में सिंचाई, दवा छिड़काव और अन्य कृषि कार्य करने की योजना बनानी चाहिए।
बारिश के दौरान लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:
- तेज गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें।
- पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों।
- बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से लंबी दूरी की यात्रा से बचें।
- निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतें।
- नदी, नाले और छोटे जलस्रोतों के पास जाने से बचें।
- बिजली गिरने की आशंका के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया निम्न दबाव क्षेत्र प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकता है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं, जबकि रायपुर समेत अन्य जिलों में भी बादल, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है। फिलहाल प्रदेश की मौसमी बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत कम है, इसलिए आने वाले दिनों की बारिश इस कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकती है।



