
रायपुर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ आज राजधानी रायपुर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अखिल भारतीय संत समिति ने तीनों नेताओं के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मंगलवार, 11 अगस्त को प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन रायपुर के श्री दूधाधारी सत्संग भवन, मठपारा (टिकरापारा) में आयोजित किया जाएगा।

संत समिति के अनुसार, प्रदर्शन में संत समाज, पुजारी और कथावाचक शामिल होंगे। समिति की ओर से संबंधित नेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई जाएगी। समिति का आरोप है कि संसद परिसर में सनातन धर्म से जुड़े विषय को लेकर जिस तरह की टिप्पणी और राजनीतिक विरोध किया गया, उससे संत समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
राम मंदिर मामले को लेकर संत समिति नाराज
अखिल भारतीय संत समिति ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चोरी के मामले को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। समिति का कहना है कि मंदिर में हुई चोरी के लिए संत समाज या पुजारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। समिति के मुताबिक, चोरी की घटना मंदिर से जुड़े कर्मचारियों द्वारा की गई थी।
संत समिति का आरोप है कि इस घटना को लेकर संत समाज और पुजारियों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। समिति ने इसे सनातन धर्म और संत समाज के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास बताया है।
प्रदर्शन में उठेगी कार्रवाई की मांग
समिति ने स्पष्ट किया है कि 11 अगस्त को होने वाले प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी। संत समाज का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में राजनीतिक बयानबाजी करते समय मर्यादा और तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
प्रदर्शन के जरिए समिति अपने विरोध और नाराजगी को सामने रखेगी। कार्यक्रम में संतों के अलावा पुजारी और कथावाचकों की भी सहभागिता प्रस्तावित है।
राजधानी में जुटेगा संत समाज
विरोध प्रदर्शन के लिए दूधाधारी सत्संग भवन, मठपारा (टिकरापारा) को स्थल बनाया गया है। समिति से जुड़े लोगों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य संत समाज की ओर से अपनी आपत्ति दर्ज कराना और संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से उठाना है।
इस विरोध प्रदर्शन के चलते राजधानी में राजनीतिक और धार्मिक माहौल गरमाने की संभावना है। हालांकि, प्रदर्शन को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग से कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
संत समिति का क्या कहना है?
अखिल भारतीय संत समिति का कहना है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में हुई चोरी की घटना के लिए संत समाज या पुजारियों को जिम्मेदार बताना उचित नहीं है। समिति के मुताबिक, मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों से जुड़ी घटना को संतों और पुजारियों से जोड़कर सनातन समाज को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
समिति ने इसी मुद्दे को लेकर आज रायपुर में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन के दौरान संत समाज अपनी आपत्ति दर्ज कराने के साथ संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।



