
बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र में कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर हुए जानलेवा हमले की जांच में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत रची गई साजिश का हिस्सा था। पुलिस के मुताबिक, श्याम कश्यप की हत्या कराने के लिए हमलावरों को 5-5 लाख रुपये की सुपारी देने का लालच दिया गया था।

मॉर्निंग वॉक के दौरान किया गया हमला
घटना रेलवे अस्पताल के पास की है, जहां कांग्रेस नेता श्याम कश्यप रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में श्याम कश्यप के:
- सिर पर गंभीर चोट आई,
- हाथ और पैरों में फ्रैक्चर व गहरी चोटें आईं,
- स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते लोगों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो घटना और भी गंभीर हो सकती थी।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुली साजिश
घटना के बाद तारबाहर पुलिस ने जांच तेज करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई।
जांच के दौरान पुलिस को हमलावरों की पहचान करने में सफलता मिली, जिसके बाद लगातार छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, अहम सामान जब्त
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक:
- दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है,
- वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद किया है,
- घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है,
- आरोपियों के मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड के जरिए पुलिस पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
मुख्य आरोपी दीपक तिवारी अब भी फरार
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी दीपक तिवारी है। उसके साथ साहिल सोनकर भी घटना के बाद से फरार है।
दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों और परिचितों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि वे फरार न हो सकें।
हत्या के लिए दी गई थी सुपारी
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि कांग्रेस नेता की हत्या करने के लिए आरोपियों को 5-5 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि हमला केवल डराने-धमकाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि हत्या की नीयत से किया गया था।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि:
- सुपारी किसने दी,
- हत्या की साजिश के पीछे वास्तविक मास्टरमाइंड कौन है,
- क्या इस षड्यंत्र में अन्य लोग भी शामिल हैं,
- आरोपियों के बीच पैसों का लेन-देन कैसे होना था।
पुलिस का दावा- जल्द होगी गिरफ्तारी
तारबाहर थाना पुलिस का कहना है कि फरार मुख्य आरोपी दीपक तिवारी और साहिल सोनकर की तलाश के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस हमले के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक कारण या कोई अन्य विवाद था। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



