छत्तीसगढ़रायपुर

नकटी से कलेक्टोरेट तक पदयात्रा करेंगे प्रभावित ग्रामीण, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर होगा आंदोलन…

रायपुर। नई राजधानी क्षेत्र के ग्राम नकटी में कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर प्रभावित ग्रामीण आज राजधानी रायपुर में नकटी से कलेक्टोरेट तक पदयात्रा निकालेंगे। आंदोलन का नेतृत्व मजदूर महासंघ की उपाध्यक्ष एवं समाज सेविका पार्वती साहू करेंगी।

ग्रामीणों का कहना है कि उनके घर तोड़े जाने के बाद वे बेघर हो गए हैं और अब न्याय व पुनर्वास की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।

सुबह 11 बजे शुरू होगी पदयात्रा

प्रभावित ग्रामीणों की पदयात्रा रविवार, 12 जुलाई को सुबह 11 बजे शुरू होगी। पदयात्रा राजधानी के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टोरेट तक पहुंचेगी।

कलेक्टोरेट पहुंचने के बाद आंदोलनकारी अंबेडकर चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास एकत्र होंगे।

13 जुलाई से शुरू होगा अनिश्चितकालीन सत्याग्रह

समाज सेविका पार्वती साहू ने घोषणा की है कि पदयात्रा के बाद 13 जुलाई से वे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू करेंगी।

उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा और उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

क्या हैं प्रभावित ग्रामीणों की प्रमुख मांगें?

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं।

1. उसी स्थान पर नया मकान बनाया जाए

ग्रामीणों का कहना है कि जिन गरीब परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें उसी स्थान पर सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त नए मकान बनाकर दिए जाएं।

2. मकान निर्माण का कर्ज माफ हो

प्रभावित परिवारों ने बताया कि उन्होंने अपना घर बनाने के लिए बैंक या अन्य स्रोतों से कर्ज लिया था। घर टूट जाने के बाद वे आर्थिक संकट में हैं। इसलिए सरकार उनका पूरा कर्ज माफ करे।

3. उचित मुआवजा दिया जाए

ग्रामीणों ने मकान टूटने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित आर्थिक क्षतिपूर्ति (मुआवजा) देने की मांग की है।

4. जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई

पार्वती साहू ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) के तहत बने मकान वास्तव में अवैध थे, तो केवल गरीबों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है।

उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों ने ऐसे निर्माण की अनुमति दी थी, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

“गरीबों को नहीं भुगतनी चाहिए प्रशासनिक गलती”

पार्वती साहू ने कहा कि यदि किसी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही हुई है, तो उसकी सजा गरीब परिवारों को नहीं मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों की मेहनत और कर्ज लेकर अपने घर बनाए थे, उन्हें बेघर करना न्यायसंगत नहीं है। सरकार को उनके पुनर्वास की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

आंदोलन पर सबकी नजर

नकटी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पहले भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध हो चुका है। अब पदयात्रा और अनिश्चितकालीन सत्याग्रह के ऐलान के बाद इस आंदोलन पर प्रशासन और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

यदि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच जल्द बातचीत नहीं होती, तो यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

प्रमुख बातें

  • नई राजधानी के ग्राम नकटी के प्रभावित ग्रामीण आज कलेक्टोरेट तक पदयात्रा निकालेंगे।
  • पदयात्रा का नेतृत्व पार्वती साहू करेंगी।
  • 13 जुलाई से अंबेडकर चौक पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू होगा।
  • प्रभावित परिवारों की मांग है कि टूटे मकानों की जगह उसी स्थान पर नए मकान बनाए जाएं।
  • मकान निर्माण के लिए लिया गया कर्ज माफ करने और उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई है।
  • यदि पीएम आवास योजना के तहत निर्माण अवैध था, तो अनुमति देने वाले अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है।

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