
रायपुर। राजधानी रायपुर में आज ‘विकसित भारत-2047’ के विजन तथा गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 (VB-G RAM G) विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, विषय विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। संगोष्ठी का उद्देश्य विकसित भारत के लक्ष्य और ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना है।
सुबह 11 बजे न्यू सर्किट हाउस में होगा आयोजन
यह संगोष्ठी सुबह 11 बजे रायपुर के न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस में आयोजित होगी। कार्यक्रम में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य, ग्रामीण विकास की रणनीतियों और रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा होंगी मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद Laxmi Verma मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके संबोधन में विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय विजन, ग्रामीण विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति जैसे विषयों पर विचार रखे जाने की संभावना है।
विशेषज्ञ देंगे विषय पर व्याख्यान
संगोष्ठी में Prof. Anand Raghuvanshi, जो Thakur Pyarelal State Institute of Panchayat and Rural Development से जुड़े हैं, VB-G RAM G और ग्रामीण विकास से संबंधित विषयों पर विस्तृत व्याख्यान देंगे। वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पंचायतों की भूमिका और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर अपने विचार साझा करेंगे।
इसके अलावा VB-G RAM G के डिप्टी कमिश्नर Nitesh Kumar Upadhyay भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और मिशन के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली तथा संभावित प्रभावों पर जानकारी देंगे।
‘विकसित भारत-2047’ के विजन पर होगी चर्चा
संगोष्ठी के दौरान वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी। इसमें विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, आजीविका के स्थायी साधन विकसित करने, कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा।
ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम में यह भी चर्चा होगी कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर कैसे बढ़ाए जाएं, स्वरोजगार को किस प्रकार प्रोत्साहित किया जाए और पंचायतों व स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी से विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी कैसे बनाया जाए।
आयोजकों के अनुसार यह संगोष्ठी नीति-निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के बीच विचारों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगी, जिससे ग्रामीण विकास और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में उपयोगी सुझाव सामने आने की उम्मीद है।



