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‘गांधी’ पर सियासी बयानबाजी तेज: अमरजीत भगत ने महात्मा गांधी और राहुल गांधी में बताई समानता, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया खारिज….

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानों का दौर तेज हो गया है। इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं महात्मा गांधी और राहुल गांधी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने दोनों नेताओं के बीच समानता बताते हुए राहुल गांधी के संघर्ष की तुलना महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन से की। वहीं, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता श्याम बिहारी जायसवाल ने इस तुलना को पूरी तरह गलत बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

अमरजीत भगत ने क्या कहा?

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि देश की आजादी के लिए जिस प्रकार महात्मा गांधी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अहिंसात्मक संघर्ष किया था, उसी तरह आज के दौर में राहुल गांधी देश के लोकतंत्र, संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की परिस्थितियां अलग-अलग जरूर हैं, लेकिन जनता के हितों के लिए संघर्ष करने की भावना में समानता दिखाई देती है। भगत का मानना है कि राहुल गांधी लगातार जनसरोकार के मुद्दों को उठाकर देशभर में लोगों के बीच संवाद कर रहे हैं।

भाजपा ने बताया अनुचित तुलना

अमरजीत भगत के इस बयान पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और राहुल गांधी की तुलना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने अपना पूरा जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया था। उनके नेतृत्व में देशव्यापी आंदोलन चले, जिनकी बदौलत भारत को आजादी मिली। ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी की तुलना किसी समकालीन राजनीतिक नेता से करना उनके योगदान का अपमान है।

“महात्मा गांधी का योगदान अतुलनीय”

श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि महात्मा गांधी का व्यक्तित्व और योगदान इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने सत्य, अहिंसा और जनआंदोलन के जरिए पूरी दुनिया को नई दिशा दी। इसलिए उनकी तुलना किसी वर्तमान राजनीतिक नेता से नहीं की जा सकती।

मंत्री ने कहा कि जनता दोनों नेताओं के कार्यों और योगदान का स्वयं मूल्यांकन करती है और इतिहास में दर्ज उपलब्धियों की तुलना वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से करना उचित नहीं है।

राजनीतिक बयान से गरमाया माहौल

अमरजीत भगत के बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस जहां राहुल गांधी को जनता की आवाज बताते हुए उनके संघर्ष को प्रमुखता से पेश कर रही है, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति करार देते हुए महात्मा गांधी के नाम का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप लगा रही है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

महात्मा गांधी और राहुल गांधी की तुलना को लेकर दिया गया यह बयान अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने तर्कों के साथ इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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